35ए को हटाने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि, अमरनाथ यात्रा की समाप्ति के बाद केंद्र सरकार अनुच्छेद 35ए पर फैसला ले सकती है। तब तक संसद का सत्र भी समाप्त हो जाएगा। बताया जा रहा है कि अनुच्छेद 35ए को राष्ट्रपति के आदेश के तहत रियासत में लागू किया गया था। इसलिए इसे राष्ट्रपति के आदेश से समाप्त किया जा सकता है। इसे हटाने के बाद घाटी में व्यापक पैमाने पर हिंसा का खतरा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स की तैनाती का फैसला किया गया है। दरअसल अनुच्छेद 35ए के जरिये यहां के निवासियों को स्टेट सब्जेक्ट मिलता है।
यह अनुच्छेद गैर रियासती लोगों को राज्य में अचल संपत्ति खरीदने, स्थायी तौर पर बसने और राज्य सरकार के अधीन किसी विभाग में नौकरी के अधिकार से वंचित करता है। यह अनुच्छेद राज्य विधानसभा को यहां के नागरिकों के लिए राज्य की स्थायी नागरिकता, उनके लिए राज्य सरकार के अधीनस्थ नौकरियां व अन्य विशेषाधिकारों को यकीनी बनाने का अधिकार देता है। इस अनुच्छेद को समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में कई जनहित याचिकाएं भी विचाराधीन हैं।
डीजीपी बोले, रूटीन प्रक्रिया है
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती एक रूटीन प्रक्रिया है। कश्मीर में ट्रेनिंग करने वाली कंपनियों को राहत देने के लिए ऐसा किया गया है। पंचायत चुनाव के बाद से ही यह चल रहा है।
सीक्रेट मिशन पर डोभाल के पहुंचने से चर्चा हो गई थी शुरू
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सीक्रेट मिशन के तहत घाटी के दौरे पर बुधवार को श्रीनगर पहुंचे थे। श्रीनगर पहुंचने पर उन्होंने सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर घाटी के मौजूदा हालात तथा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी हासिल की थी। दौरे को टॉप सीक्रेट रखा गया था और श्रीनगर पहुंचने से कुछ देर पहले ही संबंधित अधिकारियों को जानकारी देकर बैठक के बारे में बताया गया।
एनएसए ने राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, डीजीपी दिलबाग सिंह, आईजी एसपी पाणि से मुलाकात की थी। उनके साथ दिल्ली से आईबी के एक आला अधिकारी भी आए थे। उनके सीक्रेट मिशन पर घाटी में आने की चर्चा आम हुई तो अनुच्छेद 35ए व 370 को हटाए जाने को लेकर अटकलें तेज हो गईं। चर्चा की जा रही है कि इसे हटाने से पहले वे सुरक्षा व्यवस्था की स्थितियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे।