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J&K: पहली बार पत्थरबाजी में शामिल युवाओं से हटेगी एफआईआर, महबूबा मुफ्ती ने की घोषणा

Thu, 23 Nov 2017 07:39 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
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- फोटो : PTI
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जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पहली बार पत्थरबाजी में शामिल युवाओं पर लगे आरोपों पर माफी का एलान किया है। महबूबा ने बुधवार को ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा कि घाटी में पहली बार पत्थरबाजी में शामिल पाए गए युवाओँ के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया को पुनः आरंभ करके मुझे काफी तसल्ली महसूस हो रही है।
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हालांकि हमारी सरकार ने मई 2016 में इस प्रक्रिया को शुरू किया था लेकिन दुर्भाग्यवश उस वर्ष में अशांति और कुछ कानूनी प्रक्रिया के चलते यह कार्य रुका हुआ था। महबूबा ने कहा कि ये सारे युवा उनके परिवारों के लिए आशा की किरण है। It gives me immense satisfaction to restart the process of withdrawing FIRs against first time offenders of stone pelting. My government had initiated the process in May, 2016 but it was unfortunately stalled due to the unrest later that year. — Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) November 22, 2017 हमारी यह कदम उन्हें अपने जीवन का पुनर्निर्माण करने का अवसर प्रदान करने में सहायक साबित होगा। बता दें कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे के मामले में केंद्र द्वारा नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की सिफारिश के बाद केंद्र ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से इस मामलें में विचार करने को कहा था जिसके बाद महबूबा मुफ्ती ने इस पर अमल करते हुए घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में पहली बार शामिल पाए गए युवाओं के खिलाफ एफआईआर को वापस लेने का एलान किया।
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It is encouraging that the interlocutor has started on a positive note. His recommendations are being taken seriously by both the Central & State government. — Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) November 22, 2017 बता दें कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस फैसले से घाटी के करीब 4500 युवाओं को राहत मिलेगी। आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हुआ था। बुरहान की मौत के बाद घाटी में भड़की हिंसा में पत्थरबाजी के करीब 11500 केस दर्ज किए गए थे जिनमें से 4500 ऐसे किशोर थे जो कि पहली बार पत्थरबाजी में शामिल हुए थे। It is a ray of hope for these young boys and their families. This initiative will provide them an opportunity to rebuild their lives. — Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) November 22, 2017
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