राज्य से बाहर ब्याही गईं रियासत की बेटियों को हक दिलाने के लिए पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने पहल की है। वैलिड टिल मैरिज वाले पीआरसी (स्थायी नागरिकता प्रमाण पत्र) मामलों की दिक्कतें दूर करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है।
समिति से दो महीने में रिपोर्ट तलब की गई है। हाल ही में राज्यपाल की ओर से राज्य सरकार को एक महिला को आ रही दिक्कतों से संबंधित ज्ञापन भेजने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
राज्यपाल की ओर से मुख्यमंत्री के नाम महिला सुमन गुप्ता के भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वह रियासत की रहने वाली है। उसकी शादी एक नान स्टेट सब्जेक्ट युवक के साथ हुई थी। लेकिन अब वह अपने पैतृक घर लौटने को मजबूर हो गई है।
राजस्व विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी की अध्यक्षता में समिति गठित
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राज्यपाल के पत्र के बाद राजस्व विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी की अध्यक्षता में गठित समिति ने महिलाओं को शादी तक के लिए जारी पीआरसी सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया। इसमें पीआरसी सहित ऐसे बच्चों की स्थिति क्या होगी जिसमें पति नान स्टेट सब्जेक्ट हो और महिला के पास सुशीला साहनी जजमेंट से पूर्व की व्यवस्था वैलिड टिल मैरिज श्रेणी वाला पीआरसी हो।
पैतृक संपत्ति में नान स्टेट सब्जेक्ट की ब्याहाता के अधिकार क्या होंगे। तलाक तथा विधवा होने की स्थिति में जहां कानून स्पष्ट नहीं है, पहलुओं पर विचार किया कर कमेटी गठन का सुझाव दिया है। इसमें कानून और राजस्व के जानकार शामिल किए गए हैं।
राज्य प्रशासन के एक आला अफसर ने बताया कि पूर्ववर्ती व्यवस्था में लड़कियों को वैलिड टिल मैरिज लिखा पीआरसी जारी किया जाता था, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। वैलिड टिल मैरिज वाले पहले से जारी हुए पीआरसी धारक महिलाओं को आज भी दिक्कतें आ रही हैं।
समीक्षा को उच्च स्तरीय कमेटी
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मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की ओर से एडवोकेट जनरल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसमें राजस्व विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी, विधि, न्याय व संसदीय मामलों के विभाग के सेक्रेटरी को सदस्य बनाया गया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी समिति के सचिव होंगे।
राजस्व मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट एमएच सिद्दीकी (जम्मू) तथा श्रीनगर के एडवोकेट एनएच शाह को सदस्य के रूप में रखा गया है। राजस्व विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि समिति चाहे तो अन्य किसी व्यक्ति या अधिकारी को सदस्य के रूप में रख सकती है।