जम्मू-कश्मीर में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की गुरु नानक देव के नाम पर बालोकी फॉरेस्ट रिजर्व के नाम पर कदम उठाने की प्रशंसा की, लेकिन केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्राचीन मुस्लिम शहरों का नाम बदलने और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करने में है। उन्होंने इन बातों का इजहार ट्वीट के साथ-साथ हंदवारा में संवाददाताओं से भी की।
महबूबा ने ट्वीट कर लिखा कि "समय कैसे बदल जाता है। एक ओर केंद्र सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता ऐतिहासिक शहरों का नाम बदला और राम मंदिर का निर्माण कराना है। दूसरी ओर, यह देखकर खुशी हुई कि पाक पीएम ने गुरु नानक जी के नाम पर बालोकी वन अभ्यारण्य का नाम रखने और उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय बनाने की पहल की है।"
बाबरी मस्जिद के ढांचे पर मंदिर बनाने की जिसमें हर एक दल आगे आकर कह रहा है कि मंदिर का निर्माण वह करेंगे। इसी तरह गोकशी के इल्जाम में किस तरह से मुसलमानों को मारा जाता है । जैसा हाल ही में मध्य प्रदेश में देखने को मिला, जहां तीन मुसलमानों के खिलाफ गोकशी के इल्जाम में एनएसए लगाकर उनको जेल में बंद कर दिया गया।
महबूबा ने कहा कि हमारा मुल्क जिसकी बुनियाद सेक्यूरिज्म पर रखी गई है और पाकिस्तान जिसकी बुनियाद मजहब पर रखी गई थी, दोनों को अगर देखा जाए तो लगता है कई अदल-बदल चल रहा है और इसका प्रभाव जम्मू कश्मीर पर भी पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुमत वाला राज्य है और जब देखा जाता है कि पूरे देश में हिंदुत्व की राजनीति चल रही है तो कश्मीरी अपनी पहचान को खतरे में पाता है। वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की घोषणा पर प्रतिक्रिया दे रही थी कि वह सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के नाम पर फोरसेट रिजर्व का नाम देने के लिए कदम उठा रहे है।
इससे पहले भी महबूबा मुफ्ती पाक पीएम इमरान खान की तारीफ कर चुकी हैं। बीते वर्ष इमरान खान की तरफ से भारतीय श्रद्धालुओं के लिए शारदा पीठ समेत विभिन्न मंदिर खोले जाने की पेशकश का स्वागत किया था। महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी को इस प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए।