मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ने बार्डर टूरिज्म को शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें जम्मू में बाबा चमलियाल के इलाके को इसी दिशा में विकसित करना चाहिए। बाबा को सरहद के दोनों तरफ लोग श्रद्धा से पूजते हैं।
श्रीनगर में यूनिफाइड हेडक्वाटर्स (यूएचक्यू) की बैठक में उन्होंने श्री अमरनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए इसमें स्थानीय लोगों की भूमिका को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न जगहों पर स्थानीय युवाओं की यात्रियों की सुविधा के लिए सेवाएं ली जानी चाहिए। कश्मीरी शुरू से मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते रहे हैं।
लोगों की समस्याओं को दूर करने को प्राथमिकता देते हुए कहा कि नागरिक प्रशासन को पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, ट्रैफिक जाम जैसे मामलों को हल करने में सेना, पुलिस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद लेनी चाहिए।
सिविक एक्शन कार्यक्रम में सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए महबूबा ने कहा कि युवाओं को माइक्रो हाइडिल परियोजनाओं के रखरखाव में भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने नशाखोरी के खिलाफ पुलिस व जम्मू-कश्मीर के मंडलायुक्तों द्वारा निभाई जा रही भूमिका को सराहा।
बैठक में चीफ सेक्रेट्री बीआर शर्मा, जीओसी-इन-सी नार्दर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा, पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्रा, जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ, जीओसी 9 कोर लेफ्टिनेंट जनरल अशोक, जीओसी 14 कोर लेफ्टिनेंट जनरल एसके पटयाल, जीओसी 16 कोर लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंभोरकर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव नवीन चौधरी, गृह विभाग के प्रधान सचिव आरके गोयल, एडीजीपी सीआईडी एसएम सहाय, ज्वाइंट डायरेक्टर आईबी हरमीत सिंह, कमिश्नर एसबी जम्मू के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर थे।
इसके अलावा आईजीपी कश्मीर जोन एसजेएम गिलानी, आईजीपी जम्मू जोन दानेश राणा, आईजी सीआरपीएफ (एडम) अतुल करवाल, आईजी सीआरपीएफ (ऑप्स) कश्मीर नलिन प्रभात, आईजी सीआरपीएफ जम्मू कुलदीप धर, आईजी बीएसएफ कश्मीर विकास चंद्रा, आईजी बीएसएफ जम्मू डीके उपाध्याय और एडिशनल कमिश्नर एसबी श्रीनगर राजा मुरुगन ने भी भाग लिया।