जम्मू। ऑल जम्मू होटल एंड लॉज एसोसिएशन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का आयोजन किया। इस दौरान एसोसिएशन के चेयरमैन, इंद्रजीत खजूरिया ने भारत सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज के दायरे से पर्यटन क्षेत्र की अनदेखी पर चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के लगातार पांच दिनों तक सुनने और सरकार से कोई राहत पैकेज की घोषणाओं में पर्यटन क्षेत्र पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र सरकार से राहत पैकेजों की अपेक्षा कर रहा था। क्योंकि यह एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जो कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। जम्मू से कटरा तक ट्रेन सेवा के विस्तार के कारण होटल उद्योग पहले से ही वेंटिलेटर पर था और अगस्त 2019 से अनुच्छेद 370 के हटने के साथ जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। सरकार ने एक तरफ उद्योग, कृषि, अचल संपत्ति, श्रम, आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों को को राहत दी है जबकि पर्यटन के क्षेत्र में सौतेला व्यवहार क्या क्या है। पर्यटन जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और प्रमुख रोजगार निर्माता है जो 90 प्रतिशत से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार दे रहा है। एसोसिएशन ने एक बार फिर सरकार से अपील की कि वह उसी तर्ज पर होटल उद्योग को तत्काल राहत दे, जैसा कि वर्ष 2003 में प्रधान मंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में दिया गया था। इस दौरान एच एस मन्हास, अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, बलदेव राज, सुनील सूरी, स्वर्ण सिंह, संकुल गुप्ता, मनप्रीत सिंह और एमएल शर्मा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो