ज्यौड़ियां। सैनिक समाज सभा खौड़ की मंगलवार को मासिक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सभा के चेयरमैन सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर फरजूल सिंह भाऊ ने की। उपस्थित लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं को बैठक में रखा।
सेवानिवृत सूबेदार गुलबदन सिंह भाऊ, कैप्टन प्रभात सिंह तथा मेजर फरजूल सिंह ने कहा कि उनके सीमावर्ती क्षेत्र पलांवाला के गांव पलातन, पजंतूत, दडखौड़ आदि गांवों के किसानों की खेती योग्य भूमि वर्ष 1999 से सेना के अधीन है, जिसको सेना ने प्रशासन के सहयोग से कारगिल युद्ध के दौरान डिफेंस मजबूत करने के लिए ली थी। उस समय किसानों से कहा गया था कि जब तक जमीन सेना के पास रहेगी उसका उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा आज तक नहीं मिला और न ही जमीन वापस की जा रही है।
तिलक राज ने कहा कि उनके गांव में जल शक्ति विभाग की तरफ से लगाए पंप खराब हो गए हैं उनको ठीक करने के लिए किसी प्रकार की पहल नही की जा रही है। भूतपूर्व सैनिकों ने कहा कि क्षेत्र में एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने वाली सड़कों की हालत काफी जर्जर है। उनको मरम्मत की जरूरत है। पलांवाला मुख्य बाजार की सड़क को लेकर पूर्व सैनिकों ने कहा कि बाजार के बीच की सड़क की हालत काफी खराब है। वह किसी भी राजनेता को नहीं दिख रही। बैठक में कैप्टन सुखदेव सिंह, सुबेदार मेजर सुखदेव, सुबेदार मेजर चमन लाल शर्मा, कैप्टन बनसी लाल, प्रभात सिंह सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।