जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अगले चार साल में स्वरोजगार के एक लाख अवसर और 35 हजार युवाओं में उद्यम कौशल का लक्ष्य रखा गया है। अटल योजना पर अमल करते हुए वर्ष 2021 से 2024 की अवधि के दौरान भारतीय उद्यम विकास संस्थान (ईडीआईआई) और जम्मू-कश्मीर उद्यम विकास संस्थान (जेकेईडीआई) ने संयुक्त रूप से काम करेंगे। प्रदेश के सभी 20 जिलों में 35 हजार युवाओं को उद्यम कौशल विकास कार्यक्रम में कवर किया जाएगा। इसके तहत 10 हजार पारंपरिक लघु उद्यम (सीटीई) और एक हजार से अधिक इंपैक्ट मेकिंग एंटरप्राइजेज बनाए जाएंगे।
बुधवार को अटल योजना (एक्सलरेटेड, ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ एक्सप्रेशन एंड लाइवलीहुड फॉर यूथ इन- जेएंडके) योजना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की गई। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बैठक की अध्यक्षता की। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि अटल योजना एक परियोजना के तौर पर क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए 2021 से 2024 तक की अवधि निर्धारित की गई है। बैठक में एलजी सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्वरोजगार की संभावनाओं से जुड़े सेक्टर चिह्नित किए जाएं। ऐसे उद्यम शुरू हों जो युवाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार करें। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित युवाओं को भी विशेष प्राथमिकता के साथ शामिल करने पर जोर दिया गया।
क्षेत्रीय संतुलन भी प्राथमिकता
कौशल विकास और रोजगार सृजन लिए शुरू की गई परियोजना में क्षेत्रीय संतुलन को भी प्राथमिकता मिलेगी। प्रवक्ता ने बताया कि परियोजना की गतिविधियाें को जिला स्तर पर चलाया जाएगा। इससे क्षेत्र स्तर की परिस्थितियों को देखते हुए अवसर और प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। युवाओं में कौशल विकास के अलावा वर्तमान उद्यम को और बेहतर करने, प्रतिस्पर्धी माहौल बनाने, रोजगार सृजन समेत नई तकनीक का प्रयोग करते हुए आर्थिक विकास को रफ्तार दी जाएगी।