म्मू। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के सचिव शीतल नंदा ने अधिकारियों को जलस्रोत संरक्षित और पुनर्जीवित करने के प्रयास तेज करने और नए स्थलों की शिनाख्त करने के निर्देश दिए हैं। जम्मू कश्मीर में इंटिग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट से जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी। सचिव ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में उक्त प्रोजेक्ट को गति देने के साथ उसे निर्धारित समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए नए क्षेत्रों की शिनाख्त की जाएगी। इसके लिए प्रयासों को गति दी जाएगी। संरक्षित जल क्षेत्रों से जीवनशैली में बदलाव आ सकता है। लोगों के लिए ऐसी संपत्ति को अधिक से अधिक सृजित करने पर काम किया जाए। जम्मू-कश्मीर में बेहतर जल प्रबंधन की दिशा में काम किया जा रहा है। वाटरशेड क्षेत्रों से जल निकायों का कायाकल्प होगा। उन्होंने उक्त प्रोजेक्ट को मनरेगा के साथ करने पर विशेष जोर दिया, ताकि संपत्ति के निर्माण के साथ आजीविका उत्पन्न हो सके। उन्होंने प्रोजेक्ट अधिकारियों से अंतिम योजना के तहत कार्यों को पूरा करने के साथ भविष्य के लिए एक्शन योजना बनाने को कहा।