जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर सरकार में दो अक्तूबर से शुरू होने वाली महत्वाकांक्षी योजना बैक टू विलेज 3 के तहत तीन दिन तक 4000 अधिकारियों के सभी पंचायतों के दौरे से संबंधित कार्ययोजना को उप राज्यपाल ने जांचा। उन्होंने दौरे के दौरान क्या-क्या गतिविधियां की जाएंगी, इसकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए प्रत्येक अधिकारी काम करे। शासन के लाभ को कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उचित प्रयास किए जाएं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को सिविल सचिवालय में विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर बैक टू विलेज-3 कार्यक्त्रस्म की तैयारियों की समीक्षा की और दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि पंचायतों को दी गई राशि का इस्तेमाल बिना किसी अड़चन के विकास कार्यों में हो। इस कार्यक्रम का उद्देश्य घर-घर तक पहुंच बनाना है। इसके तहत सरकार नई गठित पंचायतों को मजबूत करने के लिए काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों से बी2वी3 कार्यक्रम के संचालन के लिए कार्य योजना पर विस्तृत रिपोर्ट लेने के साथ जन अभियान कार्यक्रम के तहत प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने हितधारकों से कहा कि वे उत्तरदायी, जवाबदेह और न्यायसंगत प्रशासन के साथ लोगों के द्वार तक पहुंचें।
डीसी, एसएसपी को मुख्यालयों में रहने के निर्देश
उपराज्यपाल ने जिला के डीसी, एडीसी, एसएसपी, एएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को हर बुधवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सब-डिवीजन मुख्यालयों में अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए। बैठक में खाली पड़ी सरकारी इमारतों, प्रत्येक पंचायत में खेल मैदान की उपलब्धता, स्वयं सहायता समूहों को साथ लेकर चलने, स्वच्छता गतिविधियों और स्व-रोजगार के लिए उम्मीदवारों की पहचान के मुद्दों पर चर्चा हुई। शीतल नंदा, सचिव, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने उपराज्यपाल को जन अभियान के तहत ब्लॉक दिवस के दौरान दर्ज उपलब्धियों के बारे में अवगत कराया। बैठक के दौरान आने वाले अधिकारियों की तीन-दिवसीय गतिविधि योजना दी गई।