संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। पीओजेके विस्थापित सेवा समिति की बैठक शनिवार को वेद मंदिर परिसर अंबफला में हुई। जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी, उधमपुर और रामबन के जिला पदाधिकारियों की घोषणा की गई। महासचिव अरुण चौधरी ने विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे पर बोलते हुए संक्षिप्त रिपोर्ट दी। अध्यक्ष डॉ. दीपक कपूर ने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। बताया गया कि समिति जम्मू-कश्मीर से बाहर रहने वाले पीओजेके विस्थापितों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है। राज्य स्तरीय चैप्टर गठित करने का निर्णय भीं लिया गया।
पदाधिकारियों ने बताया कि पीओजेके और छंब को 5.50 लाख की वित्तीय सहायता 31 मार्च, 2024 तक बढ़ा दी गई है। फैसला किया है कि विस्थापितों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें पंजीकरण और अधिवास प्रमाण पत्र जो राहत पुनर्वास आयुक्त (प्रवासी) जम्मू कार्यालय द्वारा जारी किए जा रहे हैं, की प्रक्रिया में सहयोग किया जाएगा।
निर्णय लिया कि पीओजेके में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक स्मारकों, महत्वपूर्ण हस्तियों, पीओजेके की संस्कृति और लोकाचार, मेले और त्योहार आदि का डेटा एकत्र करने के अतिरिक्त जागरूकता शिविरों के माध्यम से विस्थापितों की वर्तमान पीढ़ी को इससे अवगत करवाया जाएगा। जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम के अध्यक्ष रमेश सभरवाल ने कहा कि फोरम पीओजेके विस्थापित सेवा समिति को पूर्ण समर्थन प्रदान करेगा।