मीरां साहिब। गांव चक मग की अभागी सुदेश कुमारी ने इसी वर्ष अपनी बेटी के हाथ पीले करने थे पर बारिश के बाद आई बाढ़ ने उसके सपने भी धो कर रख दिए।
21 वर्ष पहले सुदेश कुमारी का पति कश्मीर में सेना के लिए पोर्टल के तौर कर देश की सेवा करने निकला था लेकिन आज तक न तो उसका शव मिला और न ही उसका मृत्यु पर प्रमाण पत्र। तीन माह बाद बेटी की शादी की तैयारी के लिए घर में रखा अनाज कपड़े आदि भी उसके सपने पानी बह कर चले गए ।सुदेश कुमारी ने बताया कि पति भूषण लाल के चले जाने के बाद ससुर बाबू राम ने बच्चों का पालन पोषण करने में सहायता की अब उनके इस दुनिया से चले जाने के बाद भी मेहनत मजदूरी कर दोनों बेटियों का पालन पोषण कर रही थी। अब बड़ी बेटी के हाथ पीले करने का समय आया तो आई बाढ़ ने उसके लिए शादी के लिए इकट्ठा किया सारा सामान पानी में बह जाने पर सब कुछ चला गया।
पति के जाने के 21 वर्ष बाद घर में खुशी का माहौल बना था लेकिन आई इस बाढ़ ने सब कुछ चला गया। उन्होंने कहा की बारात के लिए रखे बासमती की बढ़िया किस्म के चावल भी घर में पानी आने पर खराब हो गए इसी प्रकार कपड़े आदि भी लेकर रखे थे और वह भी खराब हो गए। इन बच्चों की दादी मानो देवी ने कहा कि बेटे के चले के जाने के बाद इन बच्चियों को देखकर लगता था कि इनके हाथ पीले करने के बाद संतुष्टि होगी पर भगवान को कुछ और ही मंजूर था ।आई इस बाढ़ में सब कुछ बह गया। उन्होंने कहा कि यह सब अब भगवान के भरोसे ही है।
उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को गांव में आए थे और उम्मीद थी के वह हमारे घर भी में भी आएंगे लेकिन वह एक घर में जाने के बाद वहां से वापस चले गए अब अपनी बात किसे कहें। वही मानव सेवा समिति के ओम प्रकाश खजूरिया ने कहा कि भूषण लाल की बेटी की शादी के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से आगे आ कर अभागी सुदेश कुमारी की सहायता करे। उन्होंने कहा कि मानव सेवा समिति की ओर से जितना संभव हो सका सहायता की जाएगी। संवाद