मीरा साहिब गांव मंगू चक के भान सिंह व पूर्व पंच चैन दास जिनकी गृहमंत्री के गांव पहुचने पर बा
मीरां साहिब। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के एक माह बाद भी मंगू चक गांव के लोग सरकारी सहायता राशि से वंचित हैं। हालांकि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को आर्थिक मुआवजा नहीं मिल पाया है।
गांव के निवासी भान सिंह ने बताया कि यहां करीब 53 परिवारों की 300 की आबादी है। बाढ़ के बाद कई सामाजिक संगठनों ने खाना, कपड़े और पानी बांटकर कुछ राहत दी थी, लेकिन किसानों की फसलें बह जाने के बावजूद अब तक कोई राहत राशि नहीं दी गई।
नंबरदार सतपाल ने बताया कि खेतों में रेत और पानी भर जाने से चारा न मिलने पर पशुपालक परेशान हैं। गृहिणी मीनू देवी ने कहा कि उनका परिवार खेती पर निर्भर था, लेकिन अब जमीन खेती योग्य नहीं रही। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से उम्मीद जगी थी, पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पूर्व पंच चैन दास ने रिंग रोड निर्माण को बाढ़ का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि गांव नीचे होने से बाढ़ का पानी सीधे घरों और खेतों में भर गया। ग्रामीणों ने केंद्रीय टीम के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।