परीक्षा देकर बाहर निकलते छात्र
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रियासत में शनिवार को असमंजस के बीच कामन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) हुआ। एमबीबीएस और बीडीएस की परीक्षा को लेकर बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बीओपीईई) अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया।
इस परीक्षा में इंजीनियरिंग, वेटरनरी, एग्रीकल्चर, आयुर्वेद के साथ मेडिकल के उम्मीदवार भी शामिल हुए। परीक्षा के लिए 33000 आवेदन आए थे, जिनमें से 27496 परीक्षार्थी बैठे।
बोर्ड के चेयरमैन जीएच तांत्रे ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सीईटी में अन्य विषयों के साथ मेडिकल के छात्र भी शामिल हुए हैं। यह कामन परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि एनईईटी परीक्षा पर बोर्ड जल्द स्थिति स्पष्ट करेगा।
सीईटी में आखिर तक एमबीबीएस और बीडीएस की परीक्षाओं को लेकर असमंजस बना रहा। बोर्ड की ओर से कोई पूर्व अधिसूचना जारी न होने के कारण मेडिकल के उम्मीदवार भी इस परीक्षा में शामिल हो गए। सरकार ने एमबीबीएस और बीडीएस के लिए बीओपीईई की जगह सीबीएसई की एनईईटी का आयोजन करवाने की बात कही थी।
एनईइईटी परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों में अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। शिक्षा मंत्री नईम अख्तर भी एमबीबीएस और बीडीएस परीक्षाओं को एनईईटी के माध्यम से ही करवाए जाने की बात कह चुके हैं। इन्हीं परीक्षाओं के आधार पर विभिन्न मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेजों में स्थानीय उम्मीदवारों को दाखिला दिया जाता है।