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ऑपरेशन त्राशी: 12 हजार फीट की ऊंचाई पर आतंकियों का ठिकाना ध्वस्त, किश्तवाड़ में तीसरे दिन भी ऑपरेशन जारी

Tue, 20 Jan 2026 02:06 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, किश्तवाड़

सार

किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकियों को पकड़ने के लिए चल रहा व्यापक तलाशी अभियान तीसरे दिन भी जारी है, जिसमें कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। 
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बलिदानी स्पेशल फोर्स कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकियों को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा बड़ा तलाशी अभियान मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

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यह अभियान रविवार को छात्रू क्षेत्र के सिंहपोरा के पास स्थित सोनार गांव में शुरू किया गया था। इसी दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें एक पैरा कमांडो बलिदान हो गया, जबकि सात अन्य जवान घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों द्वारा अचानक फेंके गए ग्रेनेड के छर्रे लगने से जवान घायल हुए। इसके बाद आतंकी घने जंगलों की ओर फरार हो गए।

हालांकि, सुरक्षाबलों ने आतंकियों के एक मजबूत ठिकाने का भंडाफोड़ किया है, जो 12,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित था। इस ठिकाने से बड़ी मात्रा में सर्दियों का सामान बरामद किया गया, जिसमें खाने-पीने का सामान, कंबल और बर्तन शामिल हैं।
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अभियान की निगरानी के लिए आईजीपी जम्मू जोन भीम सेन टूटी और आईजी सीआरपीएफ आर. गोपालकृष्ण राव सहित कई वरिष्ठ पुलिस और सेना अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं।

यह खबर भी पढ़ें: किश्तवाड़ में आतंकियों का ठिकाना ध्वस्त: बड़ा सवाल...इतनी ऊंचाई पर कौन पहुंचा रहा था खाद्य सामग्री

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इस बीच, मंगलवार सुबह जम्मू के सतवारी में बलिदानी स्पेशल फोर्स कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पचक्र अर्पित करने का समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह का नेतृत्व व्हाइट नाइट कोर के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ ब्रिगेडियर युधवीर सिंह सेखों ने किया। बाद में बलिदानी का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव उत्तराखंड भेजा गया।

सोमवार दोपहर को आतंकियों के ठिकाने के संबंध में कई स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां उन ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने आतंकियों को राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने में मदद की थी। बरामद सामग्री से संकेत मिलता है कि यह सामान सर्दियों में कम से कम चार आतंकियों के लिए पर्याप्त था।

सेना की व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ जारी है और इलाके की घेराबंदी और सख्त कर दी गई है। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से दुर्गम और घने जंगलों वाले इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, दो से तीन आतंकी, जिनका संबंध पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से बताया जा रहा है, इलाके में छिपे होने की आशंका है।

गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा और आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिशों को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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