आग आधी रात के कुछ समय बाद एक मकान में लगी और देखते ही देखते आसपास के घरों तक फैल गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। आग को आगे फैलने से रोकने के लिए प्रभावित मकानों के कुछ हिस्सों को गिराने और फायरब्रेक बनाने के लिए अर्थ मूवर्स की मदद भी ली गई।
वारवान क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र नहीं होने के कारण दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। काफी मशक्कत के बाद सुबह करीब चार बजे आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, कुछ स्थानों पर आग सुलगती रहने के कारण प्रभावित इलाके की निगरानी जारी रही।
आग में मारे गए मवेशियों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। रात के समय विस्तृत आकलन करना संभव नहीं हो सका। आग लगने के कारणों का भी फिलहाल पता नहीं चला है।
प्रशासन ने नुकसान और प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय से राहत सामग्री भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था की जा रही है।
सर्दियों के दौरान वारवान के दूरदराज इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। यहां लोग मवेशियों के लिए बड़ी मात्रा में सूखी घास और चारा जमा करके रखते हैं। प्रशासन और धार्मिक संस्थानों के माध्यम से लोगों को सूखा चारा घरों के अंदर या उनके नजदीक जमा न करने की सलाह दी जाती रही है, क्योंकि इससे आग तेजी से फैलने का खतरा रहता है।