घाटी को एक बार फिर अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है। इसमें अलगाववादियों को आगे बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। बुधवार को भारत विरोधी नारे लगाने तथा पाकिस्तानी झंडे लहराने के पीछे पाकिस्तान में बैठे कुख्यात आतंकी हाफिज सईद का हाथ बताया जा रहा है।
खुफिया विभाग को इस प्रकार के इनपुट मिले हैं कि हाफिज सईद के इशारे पर घाटी में नारेबाजी की गई और पाकिस्तानी झंडे लहराए गए। रैली के बाद उसने फोन कर हाल ही में जेल से रिहा हुए मसर्रत आलम को बधाई दी और इस लड़ाई में भरपूर सहयोग को भरोसा दिया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को पांच साल बाद कट्टरवादी अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी ने श्रीनगर में रैली की थी। इससे पहले गिलानी ने 2010 में रैली की थी। उसके बाद घाटी भर में हिंसक प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था।
उस दौरान 112 युवकों की मौत हो गई थी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि रैली के बाद हाफिज सईद तथा मसर्रत आलम के बीच फोन पर हुई बातचीत का ब्योरा रिकार्ड किया गया है।
बड़ी रैली के लिए मर्सरत का आभार
फोन पर हाफिज सईद ने घाटी में बड़ी रैली करने के लिए मसर्रत का आभार व्यक्त किया। साथ ही इस लड़ाई को जारी रखने को कहा। इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने में हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया। रैली में बीच-बीच में भी फोन पर निर्देश मिलने के इनपुट मिले हैं।
सूत्रों ने बताया कि रैली में जिस प्रकार पाकिस्तान तथा हाफिज के समर्थन में नारे लग रहे थे उससे इस बात का पूरा भरोसा है कि सब कुछ पूर्व नियोजित था। खुफिया विभाग को इस बात के भी लगातार इनपुट मिल रहे थे कि हाफिज सईद को सीमा से हटाकर बड़े मकसद में लगाया गया है।
दरअसल, इधर बीच चुनावों में लोकतंत्र के प्रति लोगों के उत्साह को देखते हुए अलगाववादियों को अपने अस्तित्व पर खतरा मंडराता नजर आ रहा था। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर चल रहे प्रयासों को झटका देने के उद्देश्य से भी अलगाववादियों को अपनी ताकत दिखाने का मौका चाहिए था। इन सब मुद्दों को लेकर अलगाववादियों ने घाटी में अपनी सक्रियता बढ़ाई है।
एक महीने में दूसरी बार लहराया गया पाक झंडा
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
केंद्र की एडवाइजरी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। मसर्रत पर पैनी निगाह रखी गई है। उससे मिलने जुलने वालों पर नजर रखी जा रही है। मुफ्ती सरकार बनने के बाद उसकी रिहाई को लेकर देश व्यापी बवाल के बाद केंद्र सरकार को तीन रिपोर्ट रियासत सरकार ने भेजीं थीं। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चल गया।
त्राल में मुठभेड़ में मारे गए युवक के मामले में विरोध प्रदर्शन और त्राल बंद के आह्वान पर मसर्रत को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया था। बुधवार को उसने रैली कर भारत के खिलाफ जोरदार हमला बोला। सूत्र बताते हैं कि राज्य सरकार मसर्रत मामले की समीक्षा में जुट गई है। हालांकि, कहा जा रहा है कि इस मामले में राज्य सरकार का रुख लचीला ही रहेगा।
एक महीने में दूसरी बार लहराया गया पाक झंडा
एक महीने में घाटी में दूसरी बार पाकिस्तानी झंडा लहराने का मामला सामने आया है। इसके पहले पाकिस्तान डे पर 23 मार्च को जेल में बंद अलगाववादी आशिक हुसैन फक्तू की पत्नी आसिया अंद्राबी ने भी झंडे लहराए थे। उस पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 15 अप्रैल को मसर्रत ने पाकिस्तानी झंडे लहराए तथा भारत विरोधी नारेबाजी की।