रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा कि कश्मीर घाटी में हो रहे विधानसभा चुनाव में भारी मतदान को देख आतंकियों में बौखलाहट है। इसी के चलते उनके द्वारा शांतिपूर्वक चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारने का प्रयास किया गया और महोरा में सेना के कैंप पर हमला कर 11 जवानों की शहादत ली। पार्रिकर गुरुवार को श्रीनगर स्थित 15 कोर के मुख्यालय में जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
15 कोर के मुख्यालय में जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा कि भारी मतदान के कारण आतंकी बौखलाए हुए हैं। यही कारण था कि मोहरा में आतंकी हमला हुआ। पार्रिकर ने कहा कि कश्मीर घाटी में चुनावी प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है।
आतंक प्रभावित त्राल जैसे इलाकों में भी भारी मतदान देखने को मिला, जो यह साबित करता है कि घाटी के लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उनके जवान हमेशा किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
जिन्होंने अभी तक आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम बनाया है। पार्रिकर ने यह भी बताया कि उनके कश्मीर दौरे का मुख उद्देश्य जमीनी स्तर की स्थिति को समझना था।