राजवीर निजी स्कूल वैन का चालक है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि राजवीर ने इस बम को जंगल में जानवरों को मारने के उद्देश्य से खुद ही घर पर बनाया था। धमाके की आवाज आते ही घर के लोग जब युवक के कमरे में पहुंचे तो उसके हाथ शरीर से अलग हो चुके थे और चेहरे समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान थे।
अस्पताल में बताया, सिलेंडर फटने से घायल हुआ
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे राजवीर सिंह के परिजन उसे जीएमसी लेकर पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल पुलिस चौकी को जानकारी दी कि घर में सिलेंडर फट गया है। युवक की एमएलसी में भी यही लिखा गया कि सिलेंडर फटने से वह घायल हुआ है। अस्पताल पुलिस चौकी ने इसकी जानकारी चट्ठा पुलिस चौकी में दी। स्थानीय पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बम फटने का खुलासा हुआ।
मौके से मिले अल्युमीनियम के छर्रे
चट्ठा पुलिस चौकी प्रभारी हरजिंदरपाल सिंह एफएसएल टीम के साथ मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। यहां से उन्हें अल्युमीनियम के छर्रे मिले। साथ ही कुछ और भी ऐसा सामान मिला जिससे पता चला कि यह धमाका घर में ही तैयार किए गए कच्चे बम से हुआ है। एसएसपी जम्मू चंदन कोहली का कहना है कि बिस्फोटक को लेकर मामला दर्ज कर लिया है। इस केस की हर पहलू से जांच की जा रही है।