रियासत में भाजपा मंत्रियों पर अपने रिपोर्ट कार्ड में सुधार लाने की तलवार लटक गई है। उपमुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के सभी मंत्रियों को केंद्रीय हाई कमान से अपने संबंधित मंत्रालयों के कामकाज में बेहतरी लाने को कहा गया है। ऐसा न करने वाले मंत्रियों को छह माह या फिर एक साल के बाद बदला जा सकता है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं रियासत में पीडीपी के साथ गठबंधन के मुख्य सूत्रधार रहे राम माधव ने हालही में जम्मू के अपने दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री समेत भाजपा के सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की। इसके अलावा एक एक कर मंत्रियों से तीन महीनों के कामकाज और उपलब्धियां गिनाने को भी कहा।
इसमें पार्टी के ज्यादा तर मंत्री उपलब्धियां गिनाने में नाकाम रहे। पार्टी सूत्रों की माने तो राम माधव ने ऐसे मंत्रियों के प्रति नाखुशी जताई और पार्टी की प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक में भी रियासत में भाजपा मंत्रियों के कामकाज में बेहतरी लाने को कहा। कई मंत्रियों ने तो राम माधव से यहां तक कहा कि अभी वह काम सीख रहे है।
जबकि कई मंत्रियों के विभागों में धड़ाधड़ तबादलों पर भी राम माधव ने नाराजगी जताई। माधव ने मंत्रियों से साफ तौर पर कहा कि अगली बैठक जब भी लेने वह आएं तब सभी मंत्री अपने साथ कामकाज और उपलब्धियों की रिपोर्ट कार्ड लेकर जरूर आए।
भाजपा में चर्चाओं का बाजार गर्म
भाजपा मुख्यालय और पार्टी स्तर पर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। चर्चा राम माधव के दौरे के बाद से शुरू हुई थी और अब तक जारी है। यहां तक चर्चा इस बात को लेकर भी हैं कि अगर छह माह और एक साल में मंत्रिपरिषद में हल्का फेरबदल होता हैं तो वह फिर कौन से नये मंत्रि बनेंगे।