भाजपा पर निशाना साधते हुए महबूबा ने कहा कि उनके नेता भले ही कुछ बोलें लेकिन हकीकत यह है कि राज्य पुलिस को साइड-लाइन करके केंद्रीय बलों को लाया जा रहा है। महबूबा ने कहा कि इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि अनुच्छेद-35 ए को हटाया जा रहा है।
महबूबा ने कहा कि यह समय एक जुट होने का है लेकिन सभी अलगाववादी नेता या तो नजरबंद हैं या फिर जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए भारत के संविधान की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी यहां के मुख्यधारा की पार्टियों की है। इसी क्रम में पूर्व आईएस शाह ने सभी राजनीतिक दलों की मीटिग बुलाई है।