श्राइन बोर्ड के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के लिए कैश रीसाइक्लर मशीन (सीआरएम) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए दो मशीनें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं जबकि अन्य छह मशीनों को लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। आगामी करीब 15 दिनों में मैनुअल काउंटिंग पूरी तरह बंद करने की तैयारी है।
पहले होती थी हाथ से गिनती
अब तक माता वैष्णो देवी भवन में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती मैनुअल तरीके से की जाती थी। इसके लिए निर्धारित कक्ष में कर्मचारियों की ओर से नोटों की गिनती की जाती थी। पूरी प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाती थी। गिनती वाले कक्ष को सुरक्षा व्यवस्था के तहत नियंत्रित रखा जाता था और बाहर से भी अंदर की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था थी।
मशीनों से तेज और व्यवस्थित होगी प्रक्रिया
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नकदी की गिनती मशीनों के माध्यम से की जाएगी। इससे बड़ी मात्रा में आने वाले चढ़ावे की गणना अधिक तेजी और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने से पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित व पारदर्शी बनाने पर जोर : उपराज्यपाल
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्राइन बोर्ड की यह पहल माता वैष्णो देवी मंदिर में व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तकनीक के इस्तेमाल से जहां कर्मचारियों का समय बचेगा, वहीं श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।