किए जा रहे पूरे इंतजाम
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) के एक उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त के साथ बताया कि नवरात्र के दौरान यात्रा को आसानी से रेगुलेट करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। सिक्योरिटी और सर्विलांस, सफाई और हाइजीन, मेडिकल और इमरजेंसी सर्विस, बिना रुकावट पानी और बिजली आपूर्ति और आपदा की तैयारी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा ट्रैक और कटड़ा शहर में खास जगहों पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि सुरक्षा और भीड़ पर अच्छी तरह से नजर रखी जा सके।
गेट नंबर दो से होंगे दर्शन
नवरात्र में दिव्यांग और बुजुर्गों को गेट नंबर दो से सुगम दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा ट्रैक पर खास जगहों पर आठ खास हेल्प डेस्क मौजूद हैं जो तीर्थयात्रियों को जानकारी, गाइडेंस और दूसरी जरूरी मदद देंगे ताकि तीर्थयात्रा आसानी से और बिना किसी परेशानी के हो सके। जरूरत पड़ने पर कटड़ा में पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
विदेशी फूलों से होगी सजावट
उन्होंने बताया कि मां वैष्णो देवी के भव्य भवन को देसी और विदेशी फूलों से सजाने का कुल बजट लगभग पांच करोड़ रुपये है। विशेष दाताओं के सहयोग से श्राइन बोर्ड हर साल नवरात्र के पावन अवसर पर माता रानी के मुख्य भवन, प्राचीन गुफा के प्रवेश द्वार, अटका स्थल और कटड़ा के रास्तों को फूलों से सजाया जाएगा।
इन देशों से सजावट के लिए मंगवाए जाते हैं फूल
नीदरलैंड और जापान से विशेष रूप से बेहद खूबसूरत लिलियम और ट्यूलिप मंगवाए जाते हैं। थाईलैंड और मलेशिया से रंग-बिरंगे ऑर्किड मंगाए जाते हैं। दक्षिण अफ्रीका और यूरोप से ग्लैडियोलस और जरबेरा के फूल आयात किए जाते हैं। कोलंबिया और तुर्की से विशेष और उच्च गुणवत्ता वाले कार्नेशन फूल आते हैं। दक्षिण अमेरिका से एंथुरियम के शानदार फूल मंगवाए जाते हैं।
500 से भी अधिक पेशेवर कारीगर देते हैं अलौकिक रूप
इस भव्य सजावट को पूरा करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 500 से भी अधिक पेशेवर कारीगर दिन-रात मेहनत करके मंदिर परिसर को एक अलौकिक रूप देते हैं। विदेशी फूलों के साथ-साथ भारत के कई राज्यों से भी भारी मात्रा में गेंदा, गुलाब, गुलदाउदी, चमेली और चंपा जैसे पारंपरिक भारतीय फूल और मौसमी फल भी सजावट में उपयोग किए जाते हैं।
व्रत का खाना और लंगर सेवा
नवरात्र में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार बड़े स्थानों पर चौबीसों घंटे लंगर सेवा चालू रहेगी। त्योहार के दौरान हर श्राइन बोर्ड भोजनालय में भक्तों के लिए स्पेशल नवरात्र व्रत का खाना मिलेगा। पूरे ट्रैक को साफ रखने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा और री-वेरिफिकेशन
कटड़ा आधार शिविर से लेकर भवन तक सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा। संदिग्धों और भीड़ पर नजर रखने के लिए री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। पूरे यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर में रखा गया है। साथ ही, आरएफआईडी ट्रैकिंग सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव रखा जाएगा ताकि हर यात्री की लोकेशन ट्रैक की जा सके।
चैत्र नवरात्र में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
चैत्र नवरात्र 2025 के दौरान लगभग 3.75 लाख तीर्थयात्रियों ने पवित्र मंदिर के दर्शन किए। शारदीय नवरात्र 2025 में 1.70 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उस साल यात्रा पहले हुई रुकावट के बाद खास हालात की वजह से प्रभावित हुई थी। 19 से 27 मार्च तक चले चैत्र नवरात्र 2026 के दौरान, तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस माह शारदीय नवरात्र के दौरान भी अच्छी-खासी यात्रा की उम्मीद है। नवरात्र 2024 में 4,04,605 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए , जबकि शारदीय नवरात्र में 1,61,699 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।