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Jammu News: इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण कल, सभी मंदिर शाम से ही हो जाएंगे बंद, घर में रहें गर्भवती महिलाएं

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संवाद न्यूज एजेंसी
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जम्मू। हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ माना गया है। इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण 28-29 अक्तूबर की मध्यरात्रि से लगने वाला है। ये खंडग्रास के रूप में देशभर में दिखाई देगा। इस कारण सूतक काल से ग्रहण खत्म होने तक किसी प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्य नहीं कर सकते।
प्रभाव के चलते सूतक काल शनिवार दोपहर 4 बजे से लग जाएगा इसलिए जम्मू संभाग के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। ग्रहण शनिवार रात एक बजकर पांच मिनट पर शुरू होगा, जो देर रात 2 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा यानी कुल अवधि 1 घंटा 18 मिनट रहेगी। शनिवार शाम 4 बजकर 6 मिनट पर चंद्रोदय हो जाएगा और सूतक शाम 4 बजकर 5 मिनट पर आरंभ हो जाएगा। इस दौरान खासकर गर्भवती महिलाओं को ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि ग्रहण से बच्चे की सेहत पर असर पड़ सकता है।
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महंत तृप्त शास्त्री के अनुसार ग्रहण के सूतक और ग्रहणकाल के दौरान कुछ काम न करें। ग्रहण में चंद्रमा की किरणें दूषित हो जाती है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं को घर में ही रहना चाहिए। चांद को न देखें, क्योंकि इसका दुष्प्रभाव मां के साथ बच्चे पर भी पड़ता है। नुकीली वस्तुओं से दूर रहें। ग्रहण काल के दौरान एक नारियल पास रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा शरीर पर तेल, बाल बांधने, दांत साफ नहीं करने चाहिए। इसी तरह ग्रहण के समय भोजन पकाना और खाना नहीं चाहिए। वहीं, ईष्टदेव शिवजी या गायत्री मंत्र का जाप करते रहें। घर में रखे पानी, अनाज, दूध, दही, आचार में कुशा या फिर तुलसी डाल देनी चाहिए।
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मां वैष्णो देवी की आरती शाम के बजाय होगी दोपहर 2ः30 से 4 बजे तक




माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के संयुक्त सीईओ चंद्र प्रकाश ने निर्देश जारी किए हैं कि मां वैष्णो मंदिर में सांय काल की आरती चंद्रग्रहण की वजह से दोपहर 2ः30 से 4 बजे तक होगी। श्रद्धालु दर्शन सूतक काल में भी कर पाएंगे। यात्रा चलती रहेगी। पंडित जयप्रकाश के अनुसार पहला दर्शन कोल कंडोली मंदिर सूतक लगने से पहले ही बंद कर दिया जाएगा। मूर्ति को ढक दिया जाएगा। ग्रहण समाप्त होने के बाद तीर्थ स्थानों से आए जल से मां की प्रतिमा को स्नान करवाया जाएगा। इसके बाद आरती होगी। पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार बावे वाली माता का मंदिर सूतक काल की वजह से 3 बजे बंद हो जाएगा और अगले दिन सुबह 5 बजे खोला जाएगा। श्री मल्ल माता सुकराला देवी मंदिर के पंडित तृप्त शास्त्री ने बताया कि दोपहर 3 बजे मंदिर बंद करेंगे। अगले दिन 4 बजे आरती के बाद कपाट भक्तों के लिए खुल जाएंगे। पंडित बंसी शर्मा के अनुसार शाम 4 बजे चीची माता मंदिर के कपाट बंद होंगे और अगली सुबह 5 बजे खुल जाएंगे।
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