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Jammu News: जम्मू-कश्मीर विलय दिवस... पीओजेके में भारत के हिस्से को वापस लेने का संकल्प

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। प्रदेश भाजपा की ओर से वीरवार को जम्मू-कश्मीर विलय दिवस को हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न कार्यक्रमों में विलय में अहम भूमिका निभाने वाले महाराजा हरि सिंह को याद किया। वक्ताओं ने पीओके में भारत के हिस्सों को वापस लेने के संकल्प को दोहराया। आरोप लगाया कि महाराजा ने बिना शर्त के विलय पूरा कर लिया था, लेकिन निहित स्वार्थों के लिए राष्ट्र की एकता के खिलाफ साजिश रचने वाली नेकां और कांग्रेस ने उनकी झूठी कहानी का प्रचार किया।
हरि सिंह पार्क में मुख्य कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना ने महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते कहा कि 26 अक्तूबर का दिन प्रत्येक निवासी के लिए 15 अगस्त की तरह महत्व रखता है। महाराजा एक महान देशभक्त थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजादी के लिए जोर दिया, जिससे अंग्रेज परेशान थे और इसलिए साजिश रची गईं। आरोप लगाया कि पहले प्रधानमंत्री के रूप में पंडित नेहरू ने सरदार पटेल से मामला अपने हाथ में लेने के बाद जम्मू-कश्मीर के मामलों को गलत तरीके से संभाला। 27 अक्तूबर को भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर से खदेड़ दिया था, लेकिन पंडित नेहरू ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की और हमारे क्षेत्र को दुश्मन के नियंत्रण में छोड़ दिया। आज पीओजेके निवासी भारत को अपना राष्ट्र मानते हैं, तिरंगा फहरा रहे हैं, जो स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में पीओजेके हमारे साथ होगा।
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महासचिव (संगठन) अशोक कौल ने आरएसएस की भूमिका पर प्रकाश डाला। शमशेर मन्हास ने कहा कि व्यावहारिक तौर पर अंग्रेज 1947 से पहले जम्मू-कश्मीर को गुलाम नहीं बना सकते थे, लेकिन 1947 में नेहरू और शेख ने गुलाम बना लिया। महाराजा हरि सिंह और प्रेम नाथ डोगरा ने जम्मू-कश्मीर को कड़वे परिणाम से बचाया। कवींद्र गुप्ता ने कहा कि साजिश के तहत सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने की इजाजत नहीं दी गई और शेख को पूरा महत्व दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने फायदे के लिए जम्मू-कश्मीर को ब्लैक मेलिंग पॉइंट के तौर पर इस्तेमाल किया। अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के चेयरमैन व सांबा प्रभारी नारायण सिंह ने कहा कि बीमारी की जड़ 1931 में पैदा हुई और जम्मू-कश्मीर के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को तोड़ने के लिए शेख द्वारा मुस्लिम लीग बनाई गई।
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विबोध गुप्ता ने विलय दिवस को ऐतिहासिक दिन बताया। मेयर राजेंद्र शर्मा ने जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ मिलाने में महाराजा हरि सिंह और पाकिस्तानी सेना से बचाने में ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह की भूमिका पर जोर दिया। यहां महा मंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास महाराज, उप मेयर बलदेव सिंह बलौरिया, राजपूत सभा के उपाध्यक्ष जगदीश सिंह, जिलाध्यक्ष प्रमोद कपाही, सुनील शास्त्री व रेखा महाजन और भाजयुमो प्रभारी मुनीष शर्मा मौजूद रहे।
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