उन्होंने कहा कि लोक दरबार में प्राप्त शिकायतों को आवाज-ए-अवाम प्रणाली में भी दर्ज किया जाना चाहिए। बैठक में उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा, फारूक खान, मुख्य सचिव बीवी सुब्रह्मण्यम और उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव विपुल पाठक मौजूद रहे। योजना, विकास और निगरानी व शिकायत विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने शिकायतों और शिकायतों को दर्ज करने और संभालने की प्रक्रिया की विस्तृत प्रस्तुति दी।
प्रशासनिक परिषद ने बताया कि शिकायत प्रकोष्ठ को पहले ही विभिन्न स्रोतों से 82613 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 43420 ई-पोर्टल पर बढ़ाई गई हैं। यह भी नोट किया गया कि आवाज-ए-आवाम के साथ सीपीग्राम(केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) के एकीकरण के बाद देश भर से सीपीग्राम पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को स्वचालित रूप से आवाज-ए-आवाम को निर्देशित किया जाएगा और इस तरह से ऐसी शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी।