पर्यटन मंत्रालय की ओर से श्रीनगर में ‘स्वर्ग में एक और दिन’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उप राज्यपाल ने कहा कि पाबंदियां खत्म होने के बाद सरकार के कोविड-19 नियमों के तहत पर्यटक आ रहे हैं। पिछले साल सितंबर में बेरोजगारी की दर 16 फीसदी से अधिक थी लेकिन 31 मार्च 2021 को यह घटकर 9 फीसदी तक आ गई है।
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कोरोना महामारी से सबसे ज़्यादा पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में पर्यटन तथा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना कई कदम उठाए गए हैं, जिससे पर्यटन पटरी पर लौटा है। इस कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के अन्य पर्यटन स्थल दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और गोवा में बेरोजगारी दर जम्मू कश्मीर से ज्यादा है। कार्यक्रम में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी शामिल किया गया था।
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जून तक सभी होटल पूरी तरह बुक
पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर स्वर्ग कश्मीर पर्यटन की क्षमता से भरपूर है। पर्यटन कश्मीर की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान देता है क्योंकि अधिकांश आर्थिक गतिविधियां पर्यटन और संबद्ध सेवाओं पर आधारित हैं। धीरे-धीरे पर्यटन क्षेत्र में सुधार आ रहा है। जून 2021 तक श्रीनगर के सभी होटल पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। यह बहुत उत्साहजनक खबर है। स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना के तहत मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 562.79 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं में से अधिकांश पूरा होने के चरण में हैं और एक बार पूरा होने के बाद पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को अच्छा अनुभव प्रदान करने के मंत्रालय के दृष्टिकोण को पूरा करेंगे। डल झील पर लेजर शो कश्मीर में पर्यटकों सुखद अनुभूति दिलाएंगे।
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जल्द खुलेंगे नए पर्यटन स्थल
सलाहकार बसीर अहमद खान ने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। इससे यहां की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने नए पर्यटन स्थलों की सूची तैयार की है। इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। जिसे जल्द खोला जाएगा। खान ने कहा कि वह निजी सेेक्टर से जुड़े लोगों से अनुरोध करते हैं कि आगे आकर बुनियादी ढांचे को बढ़ाने में हाथ बटाएं।