ले. जनरल केजेएस ढिल्लों
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लो ने एक बार फिर कश्मीर की माताओं से अपील की है कि वह अपने बच्चों को आतंक की राह पर जाने से रोकें। अन्यथा उनका वही हश्र होगा जो शोपियां में शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए राहिल का हुआ।
शोपियां में जो दो आतंकी मारे गए थे उनमें एक राहिल एमटेक डिग्री होल्डर था और तीन दिन (3 अप्रैल) पहले ही उसके आतंकी बनने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। राहिल ने हरियाणा से एमटेक की पढ़ाई की थी।
कमांडर ने रविवार को राहिल का उदाहरण सामने रखकर कहा कि सेना जम्मू कश्मीर के उन युवाओं से आत्मसमर्पण की अपील करती है जो विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़ चुके हैं।
उन्होंने ऐसे युवकों के परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि, आपने उन्हें उच्च शिक्षा में भेजा, लेकिन वह आतंकी संगठन में शामिल होने के कुछ दिन बाद ही मारा गया। क्या कश्मीरी युवकों का ऐसा भविष्य देखने के लिए ही हम काम कर रहे हैं।
कुछ सकारात्मक नतीजे सामने आए
ले. जनरल ढिल्लो ने स्वीकार किया कि युवाओं को आतंकी समूहों से दूर रखने के लिए माताओं से की गई उनकी अपील के सकारात्मक नतीजे आने लगे हैं। लड़के हमसे संपर्क कर रहे हैं, हमने कुछ का पुनर्वास किया है।
जैश का नेतृत्व समाप्त
उन्होंने दावा किया कि पुलवामा फिदायीन हमले के बाद हमने जैश को निशाने पर लिया और अब जैश नेतृत्व कश्मीर घाटी में मौजूद नहीं है।