कश्मीर में बाढ़ से कृषि क्षेत्र को करीब 36 अरब 75 करोड़ का भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग कश्मीर की ओर से राज्य सरकार को सौंपी गई नुकसान की रिपोर्ट के तहत 70 से 100 फीसदी तक खरीफ तबाह हो चुकी है।
एक लाख 41 हजार हेक्टेयर धान की फसल तबाह हुई है। 3811 हेक्टेयर कृषि उपयोगी बाढ़ में बह गई है। कृषि विभाग कश्मीर के निदेशक मुश्ताक अहमद पीर ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि कश्मीर में बाढ़ से कृषि क्षेत्र को भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है।
किसान हो या विभाग दोनों बाढ़ से त्रस्त है। खरीफ की फसल 70 से 100 फीसदी तक तबाह हो गई है। एक लाख 41 हजार हेक्टेयर धान की फसल नष्ट हो चुकी है। रियासती सरकार को नुकसान की रिपोर्ट सौंप दी गई है। 3811 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बाढ़ में बह चुकी है।
कृषि विभाग को तत्काल 217 करोड़ रुपये की मदद की जरूरत है। 88 हजार हेक्टेयर मक्की की फसल को बाढ़ ने नष्ट कर दी है। उनका कहना है कि कश्मीर में इस साल खरीफ और धान की फसल के लिए मौसम बेहद अच्छा रहने से फसल काफी अच्छी हुई थी लेकिन बाढ़ ने सब बर्बाद कर दिया।
ब्लास्ट नामक बीमारी से भी फसल को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के समक्ष यह भी समस्या है कि जिन लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन लिए हुए है। उनका क्या किया जाए।