लोकसभा चुनाव में 18.36 लाख वोटर थे। मतदान के साथ ही दो महिलाओं समेत 20 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गए। चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रत्याशी महबूबा मुफ्ती, नेकां के मियां अल्ताफ, भाजपा समर्थित अपनी पार्टी प्रत्याशी जफर इकबाल मन्हास और गुलाम नबी आजाद की पार्टी डीपीएपी प्रत्याशी सलीम पर्रे के बीच मुकाबला देखने को मिला। पांच जिलों अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां, पुंछ व राजोरी में सुबह सात बजे से ही मतदान के लिए लोग लाइन में लग गए थे। चिलचिलाती धूप के बाद भी मतदाता लाइन में लगे रहे। नियंत्रण रेखा से लगते राजोरी व पुंछ जिले के 94 मतदान केंद्रों पर मतदान की खास व्यवस्था की गई थी। दिन चढ़ने के साथ ही मतदान का ग्राफ बढ़ता गया। सुबह नौ बजे तक 8.80 प्रतिशत, सुबह 11 बजे तक 23.11, दोपहर 1 बजे तक 35.22, दोपहर तीन बजे तक 44.41, शाम पांच बजे तक 51.35 फीसदी मतदान हुआ। मतदान की समाप्ति पर 52.77 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया।
महबूबा ने बिजबिहाड़ा थाने के बाहर दिया धरना
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सुबह बिजबिहाड़ा थाने पर समर्थकों के साथ धरना दिया। उनका आरोप था कि उनके कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन उठा लिया है। इससे मतदान प्रभावित होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दल विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुछ संदिग्ध पृष्ठभूमि के लोगों को उठाया गया था ताकि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव हो सके। इसमें ज्यादातर ओजीडब्ल्यू रहे। महबूबा ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर भी इस बाबत शिकायत की है।
पुंछ-राजोरी में छिटपुट हिंसा की घटनाएं, 12 घायल
पुंछ और राजोरी में मतदान के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। पुंछ के शाहपुर में मतदान के दौरान दो गुटों में मारपीट में महिला सहित चार घायल हो गए। इसी प्रकार मेंढर में मतदान के दौरान दो गुटों में झड़प में चार महिलाओं सहित छह घायल हुए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुंछ में हिंसा की दो घटनाओं में कुल 10 लोग घायल हुए। राजोरी जिले के दरहाल मे चुनाव के दौरान नेकां व भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प में महिला समेत दो लोग घायल हो गए। इन दोनों जिलों में हिंसा की तीन घटनाओं में 12 लोग घायल हो गए।
चुनाव में कश्मीरी पंडितों ने भी रुझान दिखाया। लगभग 26 हजार मतदाताओं में से 40 फीसदी ने मतदान किया। इनके लिए जम्मू, उधमपुर व दिल्ली में 26 केंद्र बनाए गए थे। जम्मू में 40, उधमपुर में 50 व दिल्ली में 53 फीसदी ने मतदान किया। पहली बार विस्थापितों ने इतनी संख्या में मतदान किया। मतदान के लिए नौ हजार कर्मियों को तैनात किया गया था। 9761 पोस्टल मत प्राप्त हुए हैं। भारी मतदान के लिए सभी मतदाताओं का आभार है। - पीके पोले, सीईओ
वर्ष-- मतदान (प्रतिशत)
2024-- 52.28
2019-- 8.98
2014-- 28.84
2009-- 27.10
2004-- 15.04
1999-- 14.32
1998-- 28.15
1996-- 50.20
1991-- हालात खराब होने से चुनाव नहीं
1989-- 5.07
1984-- 70.08
1980-- 60.06
1977-- 55.83
1971-- 67.25
1967-- निर्विरोध निर्वाचन