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Lok Sabha Election 2024: अनंतनाग-राजोरी सीट पर हुआ बंपर मतदान, 1996 के चुनाव के बाद हुई सर्वाधिक वोटिंग

Sat, 25 May 2024 10:47 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू-अनंतनाग

सार

चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रत्याशी महबूबा मुफ्ती, नेकां के मियां अल्ताफ, भाजपा समर्थित अपनी पार्टी प्रत्याशी जफर इकबाल मन्हास और गुलाम नबी आजाद की पार्टी डीपीएपी प्रत्याशी सलीम पर्रे के बीच मुकाबला देखने को मिला।
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अनंतनाग-राजोरी लोकसभा चुनाव - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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जम्मू और कश्मीर में सत्ता संतुलन के लिए बनी नई सीट अनंतनाग-राजोरी पर छठे चरण के चुनाव में भारी मतदान हुआ। श्रीनगर, बारामुला की तरह ही यहां भी लोकतंत्र के प्रति मतदाताओं ने आस्था जताई। लोकतंत्र के महापर्व में आम मतदाताओं के साथ ही आतंकवादी परिवार के सदस्यों, अलगाववादियों, प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों तथा जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे ने भी मतदान किया। आतंकवाद के दौर में 1989 के बाद यहां 35 साल बाद सबसे अधिक 52.28 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 1996 में 50.20 फीसदी मतदान हुआ था। पुलवामा हमले के बाद 2019 में हुए चुनाव में मात्र 8.98 प्रतिशत मत पड़े थे।

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लोकसभा चुनाव में 18.36 लाख वोटर थे। मतदान के साथ ही दो महिलाओं समेत 20 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गए। चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रत्याशी महबूबा मुफ्ती, नेकां के मियां अल्ताफ, भाजपा समर्थित अपनी पार्टी प्रत्याशी जफर इकबाल मन्हास और गुलाम नबी आजाद की पार्टी डीपीएपी प्रत्याशी सलीम पर्रे के बीच मुकाबला देखने को मिला। पांच जिलों अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां, पुंछ व राजोरी में सुबह सात बजे से ही मतदान के लिए लोग लाइन में लग गए थे। चिलचिलाती धूप के बाद भी मतदाता लाइन में लगे रहे। नियंत्रण रेखा से लगते राजोरी व पुंछ जिले के 94 मतदान केंद्रों पर मतदान की खास व्यवस्था की गई थी। दिन चढ़ने के साथ ही मतदान का ग्राफ बढ़ता गया। सुबह नौ बजे तक 8.80 प्रतिशत, सुबह 11 बजे तक 23.11, दोपहर 1 बजे तक 35.22,  दोपहर तीन बजे तक 44.41, शाम पांच बजे तक 51.35 फीसदी मतदान हुआ। मतदान की समाप्ति पर 52.77 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया।

महबूबा ने बिजबिहाड़ा थाने के बाहर दिया धरना
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सुबह बिजबिहाड़ा थाने पर समर्थकों के साथ धरना दिया। उनका आरोप था कि उनके कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन उठा लिया है। इससे मतदान प्रभावित होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दल विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुछ संदिग्ध पृष्ठभूमि के लोगों को उठाया गया था ताकि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव हो सके। इसमें ज्यादातर ओजीडब्ल्यू रहे। महबूबा ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर भी इस बाबत शिकायत की है।

पुंछ-राजोरी में छिटपुट हिंसा की घटनाएं, 12 घायल
पुंछ और राजोरी में मतदान के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। पुंछ के शाहपुर में मतदान के दौरान दो गुटों में मारपीट में महिला सहित चार घायल हो गए। इसी प्रकार मेंढर में मतदान के दौरान दो गुटों में झड़प में चार महिलाओं सहित छह घायल हुए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुंछ में हिंसा की दो घटनाओं में कुल 10 लोग घायल हुए। राजोरी जिले के दरहाल मे चुनाव के दौरान नेकां व भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प में महिला समेत दो लोग घायल हो गए। इन दोनों जिलों में हिंसा की तीन घटनाओं में 12 लोग घायल हो गए। 

चुनाव में कश्मीरी पंडितों ने भी रुझान दिखाया। लगभग 26 हजार मतदाताओं में से 40 फीसदी ने मतदान किया। इनके लिए जम्मू, उधमपुर व दिल्ली में 26 केंद्र बनाए गए थे। जम्मू में 40, उधमपुर में 50 व दिल्ली में 53 फीसदी ने मतदान किया। पहली बार विस्थापितों ने इतनी संख्या में मतदान किया। मतदान के लिए नौ हजार कर्मियों को तैनात किया गया था। 9761 पोस्टल मत प्राप्त हुए हैं। भारी मतदान के लिए सभी मतदाताओं का आभार है। - पीके पोले, सीईओ

वर्ष-- मतदान (प्रतिशत)
2024-- 52.28
2019-- 8.98
2014-- 28.84
2009-- 27.10
2004-- 15.04
1999-- 14.32
1998-- 28.15
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1996-- 50.20
1991-- हालात खराब होने से चुनाव नहीं
1989-- 5.07
1984-- 70.08
1980-- 60.06
1977-- 55.83
1971-- 67.25
1967-- निर्विरोध निर्वाचन
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