जम्मू-पुंछ संसदीय सीट के लिए गुरुवार को हुए मतदान में पाकिस्तान से लगते पुंछ जिला ने बंपर वोटिंग कर चौंका दिया है। यहां पिछले लोकसभा चुनाव से 20 फीसदी अधिक वोटिंग हुई है। पिछले कुछ दिनों से एलओसी पर पुंछ जिले के कृष्णाघाटी, मनकोट समेत कुछ अन्य सेक्टरों में पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही गोलाबारी से बेखौफ यहां के मतदाताओं ने लोकतंत्र के पर्व में आहुति देते हुए 70 फीसदी से अधिक मतदान किया। संसदीय सीट में आने वाले अन्य जिलों में भी वोटिंग प्रतिशत में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
पिछले चार चुनावों के मतदान आंकड़ों पर गौर करें तो पुंछ जिले में कभी भी मतदान प्रतिशत 50 से अधिक नहीं रहा, लेकिन इस चुनाव में 70 फीसदी से अधिक मतदाता बूथों तक पहुंचे। पुंछ जिले में आने वाली सूरनकोट व मेंढर विधानसभा में 75 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े तो पुंछ हवेली विधानसभा क्षेत्र में 60 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार किया।
सूरनकोट व मेंढर क्षेत्र में 10-20 प्रतिशत तक पिछले चुनाव से अधिक मत पड़े हैं और पुंछ हवेली में पांच प्रतिशत घटा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वोटिंग प्रतिशत का बढ़ना और घटना दोनों ही खतरे की घंटी है। इसका विश्लेषण जरूर किया जाना चाहिए कि आखिर मतदान के ट्रेंड में बदलाव की वजह क्या है। कई वजहों से वोट प्रतिशत घटता या बढ़ता है।
चार चुनावों में जिलावार वोटिंग प्रतिशत
जिला 2004 2009 2014 2019
पुंछ 48.85 39.81 50.09 70.42
जम्मू 43.98 50.13 71.52 75.40
सांबा 46.57 47.40 75.25 75.74
राजोरी 41.18 48.81 64.35 65.73