जम्मू-कश्मीर की छह लोकसभा सीटों के लिए पांच चरणों में मतदान होगा। कश्मीर में सुरक्षा कारणों से प्रत्येक संसदीय सीट पर एक से ज्यादा दिनों में मतदान करवाया जा सकता है। मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने रविवार को बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से तिथियों की घोषणा के साथ ही देश के अन्य हिस्सों की तरह चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाने के साथ निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 18 मार्च को चुनाव की पहली अधिसूचना जारी होगी। लोकसभा के साथ राज्य विधानसभा चुनाव न करवाने के बारे में पूछे गए सवाल पर शैलेंद्र ने बताया कि चुनाव आयोग ने हर पहलू को मद्देनजर रखते हुए फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का कारण प्रमुख रहा होगा। विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ होते तो राज्य में एक हजार से ज्यादा उम्मीदवारों को सुरक्षा कवर मुहैया करवाने से लेकर मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ती। लोकसभा चुनाव में करीब 60 उम्मीदवार होंगे। जिन्हें सुरक्षा कवर मुहैया करवाने में ज्यादा समस्या नहीं होगी।
विधानसभा चुनाव में 900 से ज्यादा उम्मीदवार रहते है। अलगाववादियों की चुनाव बहिष्कार की चेतावनी पर पूछे सवाल पर मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि जब ऐसा समय आएगा तब देखा जाएगा क्या कदम उठाने है। इस अवसर पर मंडलायुक्त संजीव वर्मा, जिला उपायुक्त रमेश कुमार, पुलिस महा निरीक्षक मुनीश कुमार सिन्हा आदि भी मौजूद रहे।
सीमा के हालात पर करीबी नजर
मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि सीमांत इलाकों में पाकिस्तान की गोलाबारी अगर मतदान वाले दिनों में रहती हैं तो इसके लिए प्रशासन ने तैयारी कर रखी है। गोलाबारी पर प्रशासन का नियंत्रण नहीं है।
इन चरणों में मतदान
पहले चरण 11 अप्रैल में बारामूला और जम्मू
दूसरे चरण 18 में श्रीनगर और उधमपुर
23 अप्रैल 29 अप्रैल, 6 मई को अनंतनाग पर (तीसरे,चौथे और पांचवें चरण में मतदान)
पांचवां चरण 6 मई में लद्दाख-अनंतनाग में मतदान