जम्मू संसदीय सीट पर नेकां से समझौते और पीडीपी के जम्मू-पुंछ संसदीय सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारने का कांग्रेस को फायदा मिला। दोनों दलों के खेमों के हजारों वोट कांग्रेस के खाते में गए। कांग्रेस दोनों दलों के दरहाल, राजोरी, कालाकोट, सुरनकोट, मेंढर क्षेत्रों से बढ़त पाने में सफल रही। पिछली बार 2014 के चुनाव में नेकां और पीडीपी के मैदान में होने से कांग्रेस कालाकाोट, विजयपुर, नौशेरा में पिछड़ी थी।
पार्टी प्रत्याशी मदन लाल शर्मा सुरनकोट और पुंछ से भी लीड हासिल नहीं कर पाए थे। पिछली बार वर्तमान सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी मदन लाल शर्मा पर दो लाख 57 हजार वोटों से पराजित किया था, जबकि 2019 में 3 लाख 2875 वोटों से हराया है, जो पचास हजार से अधिक का आंकड़ा है।
2014 में गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को 69811 और कांग्रेस को 26978 वोट मिले थे। इस बार कांग्रेस के प्रत्याशी रमण भल्ला ने अपने गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र में 35508 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा प्रत्याशी जुगल किशोर ने 69340 वोट हासिल किए। तब भी पार्टी प्रत्याशी मदन लाल शर्मा, बागवानी मंत्री रहे (मौजूदा कांग्रेस प्रत्याशी) रमण भल्ला के विधानसभा क्षेत्र गांधीनगर से पिछड़े थे।
पिछली बार कांग्रेस को अखनूर से 27170, दरहाल में 19857, राजोरी में 15988 वोट हासिल हुए थे। इस बार कांग्रेस को अखनूर से 8900, दरहाल से 54319, राजोरी से 65641, कालाकोट से 27927, सुनरकोट से 70529, मेंढर से 69351, हवेली से 62915 वोट हासिल हुए। इस बार भाजपा प्रत्याशी ने कुल 858066 और कांग्रेस प्रत्याशी ने 555191 वोट हासिल किए।