जानकारी के अनुसार प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर रहते हैं। मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण हालत सबसे ज्यादा खराब है। दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से मिल पा रही है। कुछ प्रवासी लोगों का काम मार्च माह से ही नहीं चल रहा है। इससे पैसों की किल्लत है।
इन राज्यों के रह रहे लोग
प्रदेश में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, झारखंड, गुजरात, राजस्थान से सबसे ज्यादा लोग मजदूरी का काम करने के लिए आते हैं।
कितना मिलना है राशन
प्रशासन की ओर से प्रवासी लोगों के लिए राशन की एक किट बनाई गई है। इसमें दस किलो आटा, चावल, दाल, नमक, मिर्च, सरसों का तेल है।
शहरों में प्रवासी लोगों को राशन नगर निगम के माध्यम से वितरित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे करवाया जा रहा है। लोगों को जरूरत के हिसाब से राशन मुहैया करवाया जाएगा। -अवनी लवासा, आयुक्त, नगर निगम