लॉकडाउन का असर शिक्षा पर भी पड़ा। एक वर्ष तक स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित रही, हालांकि ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहीं। टीवी, रेडियो और यूट्यूब के माध्यम से विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगाई गईं, लेकिन प्रदेश में 2जी मोबाइल इंटरनेट होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों के लिए सामुदायिक कक्षाएं शुरू की जो काफी हद तक सफल रहीं। इसमें बच्चों को सामाजिक दूरी का ध्यान रख खुले आसमान के नीचे पढ़ाया गया। डोडा, रामबन, बारामुला, कुपवाड़ा जैसे जिलों के गांवों में सामुदायिक कक्षाएं काफी सफल रही थीं। सरकारी शिक्षकों के अलावा गांवों में स्थानीय युवाओं ने भी बच्चों को पढ़ाने में मदद की।
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ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों को क्लासरूम जैसा माहौल देने के लिए आईआईटी जम्मू ने हाईटेक क्लासरूम की तकनीक विकसित की। इसमें ऑनलाइन पढ़ाई भी क्लासरूम की तरह होती है। इस मॉडल को बाद में कई उच्च शिक्षा संस्थान ने भी अपनाया। स्कूल शिक्षा विभाग ने डीडी कश्मीर और ऑल इंडिया रेडियो की मदद से भी बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।