किसानों से इस बार भी मौसम खफा नजर आ रहा है। बारिश नहीं होने से जिले भर में इस बार भी सूखे के हालात बनने लगे हैं। अक्तूबर की ही तरह नवंबर का पहला पखवाड़ा भी बारिश की संभावनाओं से कोसों दूर है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले सप्ताह में भी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में रबी की फसल की बिजाई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में खेती का यह सीजन भी पिछले साल की तरह चौपट होने की कगार पर है।
2 सितंबर को जिले में रिकार्ड बारिश के बाद 70 दिन का जो समय निकल रहा है, उसमें पानी की एक बूंद नहीं बरसी। इससे तोरिया, चना और सरसों की खेती प्रभावित हुई है। सबसे अधिक नुकसान कंडी क्षेत्र के किसानों को हो रहा है, जिनकी फसल पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है। अक्तूबर महीने में सरसों, तोरिया और चने की बिजाई की जाती है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसान अब तक बिजाई नहीं कर पाए हैं। इस सप्ताह बारिश की कोई संभावना नहीं होने से किसानों की बची हुई आस भी टूट चुकी है।
किसानों पर मौसम की मार यहीं खत्म नहीं होतीं। बारिश नहीं होने से रबी की फसल की बिजाई भी प्रभावित होने वाली है। गेंहू की बिजाई के लिए 25 अक्तूबर से 20 नवंबर तक का समय किसानों के पास होता है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के तीनों खित्तों में 9 दिसंबर तक बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो उसके बाद भी कई दिनों तक बारिश के आसार नहीं हैं। ऐसे में खासकर कंडी क्षेत्र के किसानों के लिए चिंता का विषय है।