‘मैं जब कालेज लाइफ में था तो मेरे दोस्त मुझे जनसंघी मुसलमान कहते। जब पुलिस की नौकरी ज्वाइन की तो मुझ पर मुख्यमंत्री तक कमेंट करते कि ये जनाब तो जनसंघ के अफसर हैं। अपना नाम जनसंघ से जुड़ने पर मुझे तब भी फख्र होता और आज भी फख्र होता है।’
ये बातें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता फारूक खान ने कहीं, जिन्हें हाल ही में केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया है। वह शुक्रवार को यहां पार्टी कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव बनाकर जो दरवाजा जम्मू के कार्यकर्ताओं के लिए खोला था, उस दरवाजे से और भी कई चेहरे राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान बना सकते हैं। बस जरूरत है अपना श्रेष्ठ कर्म करने की, फल पाने का इंतजार तभी करना चाहिए, जब ऐसा लगने लगे कि अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर चुके हैं।