रेहड़ी लगाने वालों के लिए चिंतित करने वाली खबर है कि उन्हें भविष्य में लाइसेंस के लिए के बढ़ी हुई फीस अदा करनी होगी। नगर निगम ने एक रेहड़ी की सालाना फीस 2200 रुपये से चार हजार रुपये कर दी है। वर्तमान में जम्मू में एक हजार के करीब रेहड़ी है, जिनमें से पांच सौ रेहड़ी रजिस्टर्ड हैं, जबकि पांच सौ रेहड़ियां अवैध रूप से चल रही हैं।
हर साल रेहड़ी लाइसेंस को रिन्यू भी करवाना होता है। रेहड़ी लाइसेंस की प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा मुश्किल हो गई है। मंदिरों के शहर में बहुत सारे लोग दूसरे राज्यों से आकर यहां कुलचा, रेहड़ी में फल, सब्जी, कपड़े, जूते, किताबें आदि बेचने का काम करते हैं। ऐसी एक हजार रेहड़ियां शहर में हैं, जिसके जरिये लोग अपना और अपने परिवारों का पेट पाल रहे हैं।
लाइसेंस देते समय इस बात से लोगों को भलीभांति समझाया जाता है कि लाइसेंस सिर्फ रेहड़ी को चलाते रहने का है। एक जगह पर अड्डा जमाकर बैठने का नहीं। रिन्यू न होने वाली रेहड़ी अवैध की कैटागरी में आ जाती है। उधर, निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम इन पर शिकंजा कसने के लिए खिलाफवर्जी विंग द्वारा अभियान चलाता है और रेहड़ियों को उठा लेता है। इस तरह अवैध रेहड़ियों पर निगम शिकंजा कसता रहता है।