उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जी 20 बैठक जम्मू कश्मीर की जीवंत संस्कृति, परंपराएं और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर है। श्रीनगर में वीरवार को सिविल सोसायटी, पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के सदस्यों के साथ जी 20 की तैयारियों पर चर्चा करते हुए उपराज्यपाल ने यह बात कही।
सिन्हा ने कहा जी 20 बैठक सभी नागरिकों से जुड़ी हुई है और लोगों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने सिविल सोसायटी के सदस्यों से आग्रह किया कि वह इस अवसर का लाभ उठाएं और नागरिकों, पर्यटन और उद्योग क्षेत्र के हितधारकों को प्रोत्साहित करें ताकि जी 20 बैठक की सफलता सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि जी 20 की बैठक से जम्मू कश्मीर के विकास खासतौर से पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई हासिल होगी। उपराज्यपाल ने त्वरित विकास के पथ पर जम्मू-कश्मीर की यात्रा और 2019 के बाद से विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज उल्लेखनीय प्रगति के बारे में भी बात की।
कहा कि पिछले चार साल में जम्मू कश्मीर में शांति, प्रगति और खुशहाली को लक्ष्य में रखकर विकास की गति को बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने जी 20 की बैठक के लिए श्रीनगर को चुना। इस बैठक से वैश्विक और स्थानीय आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पर्यटन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा था। अब दोबारा पर्यटन उद्योग पटरी पर आ रहा है। हम कोशिश कर रहे हैं कि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा मिले। सड़क और रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए प्रदेश में डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा की राशि राष्ट्रीय राजमार्ग और सुरंगों के निर्माण पर खर्च हो रही है।
क्षीर भवानी, अमरनाथ यात्रा व हज यात्रा में भी मांगा सहयोग : उन्होंने जी 20 बैठक की तैयारियों में सभी हितधारकों, सिविल सोसायटी समूहों और नागरिकों के योगदान व सहयोग की सराहना भी की। इस अवसर पर श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू, जेएंडके वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष द्राक्षा अंद्राबी, बारामुला डीडीसी अध्यक्ष सफीना बेग के अलावा सिविल सोसायटी के सदस्य भी मौजूद रहे।
उन्होंने जी 20 बैठक की सफलता में सहयोग करने के अलावा आगाामी क्षीर भवानी मेला, अमरनाथ यात्रा और हज यात्रा को सफल बनाने का आश्वासन भी दिया। बैठक में पुलिस व नागरिक प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।