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जम्मू-कश्मीर: सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत पारिस्थितिकी का निर्माण, एलजी बोले- प्रदेश का हो रहा विकास

Thu, 23 Feb 2023 01:49 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उपराज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन के प्रणेता राजकुमार त्रिपाठी ने किसानों के कल्याण में अतुलनीय योगदान दिया था। उनका जीवन और आदर्श महान प्रेरणा का स्रोत हैं।
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जम्मू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया गया है। प्रदेश में बहुत कम समय में सहकारिता आंदोलन को मजबूती मिली है। ग्रामीण सहकारी बैंकों के पुनरुद्धार के साथ साथ पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है।

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यूटी सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रत्येक हितधारक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समान और समावेशी विकास व सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उपराज्यपाल बुधवार को गाजीपुर में राजकुमार त्रिपाठी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में बोल रहे थे।

उपराज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन के प्रणेता राजकुमार त्रिपाठी ने किसानों के कल्याण में अतुलनीय योगदान दिया था। उनका जीवन और आदर्श महान प्रेरणा का स्रोत हैं। त्रिपाठी की असाधारण जीवन यात्रा और सामाजिक आर्थिक विकास में उनके अपार योगदान को याद किया।
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सहकारी संस्थाओं में विभिन्न पदों पर रहते हुए राजकुमार ने देशभर में फैले छोटे शहरों और गांवों में सहकार की क्षमता का अहसास किया। सहकारी समितियों को समाज को बदलने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया और किसानों को हरित क्रांति का लाभ उठाने में मदद की।

सहकारी आंदोलन को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने अथक प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दो लाख प्राथमिक कृषि साख समितियों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। ऋण सुविधा और अन्य सेवाएं प्रदान करने के अलावा सहकारी समितियां आज आवश्यक कड़ी बनी हैं और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत कर रही हैं।

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