प्रदेश में खेती का स्वरूप आने वाले चार से पांच साल में बदल जाएगा। किसान आधुनिक तकनीक से खेती करके आय अर्जित करेंगे। स्कॉस्ट जम्मू की ओर से इस पर काम निरंतर जारी है। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्कॉस्ट जम्मू में किसान मेले के शुभारंभ पर कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय की मांग है कि खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए। पुरानी तर्ज पर खेती करने से परिणाम अच्छे नहीं आ रहे हैं। सबको मेहनत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में मंगला राय समिति की सिफारिशों को लागू किया जा रहा है। 29 सिफारिशें लागू होने से प्रदेश में खेती का स्वरूप बदल जाएगा। इसको लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बैठक कर विस्तार से बताया है और सहायता मांगी है। सिफारिशों को लागू करने का उद्देश्य प्रदेश में खेती में बदलाव लाना और आय को बढ़ाना है। स्कॉस्ट खेती क्षेत्र में आ रही समस्याओं का निरंतर समाधान कर रहा है। खेती के लिए पानी की किल्लत भी आड़े आ रही है। इस पर भी काम हो रहा है। किसानों को योजनाओं के तहत लाभ पहुंचाया जा रहा है।
48 डिग्री तापमान में भी उगाया जा सकता है जम्मू हरमन सेब : वीसी
वीसी जेपी शर्मा ने कहा कि स्कॉस्ट जम्मू की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं कि खेती को बढ़ावा दिया जाए। अब 48 डिग्री तापमान में भी जम्मू हरमन सेब को उगाया जा सकता है। गर्मी के मौसम में भी अच्छी पैदावार होगी। इस साल स्कॉस्ट जम्मू की ओर से गेहूं, मक्का और दालों की नई प्रजातियों को लांच किया गया है। इससे पैदावार में 15 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह स्कॉस्ट की ओर से बेहतरीन कदम है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए ध्यान और योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इससे तनाव से मुक्ति मिलेगी।
प्रदेश में 70 फीसदी सेब की पैदावार
अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अटल डुल्लू ने कहा कि वैज्ञानिक निरंतर किसानों के लिए नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं और लाभ पहुंचा रहे हैं। प्रदेश में 70 फीसदी सेब पैदा हो रहा है। इसका निर्यात दूसरे प्रदेश और विदेशों में हो रहा है। यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश में राजमाश, काला जीरा, केसर, दालों की खेती की जा रही है। इससे किसान अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। बीजों की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। किसानों को उच्च क्षमता के बीज मुहैया करवाए जा रहे हैं।