केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने वीरवार को अनंतनाग जिले के सुदूरवर्ती गांव हरदू किचरू व ऐशमुकम का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यूटी तेजी से विकास के पथ पर है। अनंतनाग को अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता का आशीर्वाद प्राप्त है, लेकिन आधुनिक समय में सफल होने के लिए शिक्षा और अच्छी स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच होना ज्यादा जरूरी है।
इस दौरान उनके साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य न्यायाधीश अली मोहम्मद माग्रे और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सरकार के सचिव अचल सेठी, कानून विभाग, रजिस्ट्रार जनरल संजीव कुमार, मुख्य न्यायाधीश के प्रधान सचिव एजाज अहमद खान, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ताहिर मजीद शम्सी और संयुक्त रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल अब बारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने सबसे पहले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ऐशमुकम पहुंचे, जहां उन्होंने कानूनी साक्षरता क्लब का उद्घाटन किया और छात्रों के साथ बातचीत की। छात्रों के कानूनी ज्ञान और कौशल से वे काफी प्रभावित हुए।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि सरकार लाभार्थियों के अंतिम मील कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान में देश का कानून है और इसलिए यह जरूरी है कि हमारे युवा विभिन्न कानूनी अधिकारों और उन्हें दी जाने वाली कल्याणकारी सेवाओं के बारे में जागरूक हों। उन्होंने कहा कि कानूनी साक्षरता क्लब इन युवाओं में लोगों के अधिकारों विशेष रूप से दलितों के लिए सही रवैया पैदा करेगा।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य न्यायाधीश अली मोहम्मद माग्रे ने कहा कि छात्रों को कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से छात्र कानूनी साक्षरता क्लबों का गठन किया जा रहा है। ये छात्र जरूरतमंदों का हल करेंगे और उन्हें जागरूक कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी साक्षरता और कानूनी सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कमजोर लोग कानून के तहत अपने अधिकारों के दायरे से परिचित हो सकें। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया।
हरदू किचरू में लोक अदालत लगा कई मामले निपटाए।
मंत्री ने हरदू किचरू गांव का दौरा भी किया। यहां एक विशेष कानूनी सेवा शिविर आयोजित किया गया था। सचिव जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण अनंतनाग मीर वजाहत और मनमोहन कुमार की अध्यक्षता में एक विशेष लोक अदालत बेंच का गठन भी किया गया, जहां कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। केंद्रीय मंत्री और मुख्य न्यायाधीश ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें प्रमाण पत्र और चेक वितरित किए।
सभी नागरिकों को न्याय प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
इस अवसर पर रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी नागरिकों को न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विधिक सेवा शिविर का आयोजन जनता को घर द्वार पर न्याय प्रदान करने की पहल के तहत किया जाता है। न्याय तक पहुंच नागरिकों को अपने अधिकारों का प्रयोग करने और भेदभाव को चुनौती देने में सक्षम बनाती है। न्यायमूर्ति माग्रे ने कहा कि न्याय तक पहुंच अदालत आधारित कानूनी सेवाओं तक ही सीमित नहीं है। यह लोगों को विभिन्न अधिनियमों और कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के तहत उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने और उस तक उनकी पहुंच को मजबूत करने तक विस्तृत है।
उन्होंने कहा कि राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और विभिन्न जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों ने लोगों को कानूनी सलाह तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण गांवों में विधिक सेवा शिविरों का आयोजन लगातार सुनिश्चित करते रहेंगे, ताकि लोगों को न्याय के लिए भटकना न पड़े।