उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रयास कर रही है और केंद्र शासित प्रदेश में शांति स्थापित करने के पक्के इरादे के साथ काम कर रही है। जम्मू-कश्मीर अपना गौरव वापस हासिल करेगा। यह केवल जम्मू-कश्मीर के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण है। ज्ञात हो कि एक मई 1990 को आतंकियों ने सर्वानंद कौल प्रेमी की हत्या कर दी थी।
कवि और स्वतंत्रता सेनानी सर्वानंद कौल प्रेमी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए केएल सहगल हॉल में आयोजित समारोह में कहा कि हमें आतंकवाद के पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने में एक हद तक सफलता मिली है, जिसने न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश को गहरा घाव दिया है। मैं एक बात विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारा शांति खरीदने का कोई इरादा नहीं है।
आतंकवाद और आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोग हैं जिन्होंने पिछले 75 वर्षों के दौरान यहां से दिल्ली तक शासन के पारिस्थितिकी तंत्र में घुसपैठ की है। वे लोगों को रहने यानी सिस्टम में काम करने की अनुमति नहीं देते हैं। लेकिन स्थिति बदल गई है। जो लोग जम्मू-कश्मीर को देखते हैं, वे भी इससे सहमत हैं।
उन्होंने कहा कि कवि, शिक्षक और स्वतंत्रता सेनानी सर्वानंद कौल प्रेमी ने लोगों के बीच हमारी प्राचीन संस्कृति में निहित आदर्शों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के उनके प्रयास और शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उप राज्यपाल ने कहा कि सर्वानंद अपने समय के महान लेखकों में से एक थे, जो समाज के दलित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध थे।
स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देकर उन्होंने राष्ट्रीय एकता के बंधनों में नई जान फूंक दी। अपने जीवन में उन्होंने शांति, सहअस्तित्व और सहयोग के मूल्यों का पालन किया। जम्मू-कश्मीर धरती का स्वर्ग सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता से नहीं है, बल्कि सर्वानंद जैसे महान व्यक्तित्व, जिन्होंने दूसरों की सेवा के लिए जीवन समर्पित कर दिया है, उनके कारण भी है। उप राज्यपाल ने कहा कि वह प्रसिद्ध लेखक होने के साथ-साथ कश्मीर घाटी में अच्छे शिक्षक भी थे।
उप राज्यपाल ने सामाजिक और साहित्यिक संगठनों से सर्वानंद की शिक्षाओं को देश भर के लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अकादमी उनकी पुस्तकों के प्रकाशन और अनुवाद के माध्यम से उनके साहित्यिक कार्यों को बढ़ावा देगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां जम्मू-कश्मीर की समृद्ध साहित्यिक विरासत का लाभ उठा सकें। सर्वानंद के पुत्र राजिंदर प्रेमी ने पिता के साहित्यिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और कल्चरल अकादमी का आभार व्यक्त किया।
प्रदेश के गुमनाम नायकों की सूची में सर्वानंद
सर्वानंद कौल प्रेमी को 2022 में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा मरणोपरांत आजीवन उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2022 में उनके गांव सोफ-शाली (साफ्ट-शालेश्वर), अनंतनाग में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायक की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। संचार मंत्रालय ने 2021 में उन पर विशेष डाक कवर और डाक टिकट जारी किया था।