उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब अंकों की बाध्यता का सामना का नहीं करना पड़ेगा। विद्यार्थियों को बिना किसी अंक बाध्यता के छात्रवृत्ति मिलेगी। इसको लेकर नीति में सभी जरूरी बदलाव जल्द किए जाएंगे। वह रविवार को गांधीनगर के टीचर भवन में आयोजित गोस्वामी गुरु नाभा दास जी महाराज के 450वें प्रकाश दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उप राज्यपाल ने कहा ये दुखद है कि जम्मू-कश्मीर में छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित वर्ग (एससी)के विद्यार्थियों के लिए अंकों की बाध्यता है। उनका अनुसूचित वर्ग का होना ही बड़ी बात है। प्रदेश में अंकों की बाध्यता के करण विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने की बात मेरे संज्ञान में नहीं थी, इस कार्यक्रम में ही मुझे जानकारी मिली है, अब प्रशासन जल्द इसमें सुधार करेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माताओं ने महसूस किया की देश का बड़ा वर्ग शैक्षिक रूप से पिछड़ा है। ये हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है कि ऐसे लोगों को बराबरी का अवसर मिले तभी वह राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित वर्ग के केवल उन्हीं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती है, जिन्होंने पिछली कक्षा 45 फीसदी अंक के साथ पास की है।
मई तक 35 सेवाएं ऑटो अपील मोड पर होंगी
उप राज्यपाल ने कहा, सरकार आम लोगों से जुड़ी 35 आवश्यक सेवाओं को मई तक ऑटो अपील मोड में लाने जा रही है। इस व्यवस्था के अ्नुसार,अगर कोई अधिकारी आवेदक का काम सार्वजनिक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय नहीं करेगा तो इसकी जानकारी स्वत: उसके उच्च अधिकारी के पास चली जाएगी। इससे न सिर्फ लोगों का काम होगा, बल्कि तय समय में काम न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 102 सेवाओं को सार्वजनिक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में रखा गया है। इन सेवाओं का अभी आम लोगों को उचित लाभ नहीं मिल रहा हैं।
पदोन्नति में आरक्षण का मामला कोर्ट में
सरकारी कर्मियों के पदोन्नति में आरक्षण का मामले पर एलजी ने कहा कि यह मामला अभी न्यायालय में है। कोशिश है कि इसका उचित समाधान हो। ऐसे लोग जो समाज में दबे रहे हैं उनको प्राथमिकता देनी चाहिए। इस नीति पर भारत सरकार काम कर रही है।
गरीब आदमी को जमीन मिले इसका कानून बना रही सरकार
उप राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गरीब व्यक्ति जमीन देने का कोई कानून नहीं हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लोगों को कैसे मिलेगा जब उनके पास जमीन ही नहीं हैं। इसको लेकर सरकार कानून बना रही है। प्रदेश में जिनके पास जमीन नहीं है उन्हें जमीन दी जाएगी और आवास भी बनाया जाएगा। इस तरह सामाजिक संस्थाओं को भूमि दी जाएगी। जब कानून बनेगा तो गरीबों को आवास और गुरु नाभा दास महाराज की स्मृति में सभागार भी बनेगा।
बात मानी होती तो आरक्षित वर्ग के कर्मियों की तबादला नीति बन गई होती
सिन्हा ने कहा कि आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों से किए वादों पर मैं कायम हूं। तबादला नीति बनने में देरी का कारण खुद आरक्षित वर्ग के कर्मचारी हैं। अगर बातचीत के बाद कर्मचारियों ने प्रशासन के कहने पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली होती तो आज तक तबादला नीति बन गई होती। उप राज्यपाल ने कहा कि मैंने आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा था, लेकिन कर्मचारियों ने फैसला नहीं माना। फैसले एकतरफा लागू नहीं होते। अगर कोई बातचीत हो रही है तो उसका सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए। कश्मीर में नौकरी करना कर्मचारियों के लिए कठिन है।
गुरु नाभा दास ने समाज को भक्ति मार्ग को समझने का दिया अवसर
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि गुरु नाभा दास जी ने लोगों को भेदभाव मुक्त समाज की ओर अग्रसर किया और समाज को भक्ति की क्रांति और संतों को समझने का अवसर प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रसिद्ध लेखक प्रकाश नारायण दीक्षित ने लिखा है कि गुरु नाभा दास एक मात्र ऐसे महापुरुष हैं, जिन्होंने धर्म साधना और साधकों का इतिहास देश का सामने रखा। भक्त मार्ग में उन्होंने संत रविदास, कबीर दास, तुलसीदास, शंकराचार्य, सुरदास सहित 200 भक्तों के जीवन के बारे में लिखा, जिससे समाज को इन महान व्यक्तिव की उदारता, धर्म निष्ठा को जानने का मौका मिला। उन्होंने युवा पीढ़ी को भक्त मार्ग पुस्तक पढ़ने को कहा। हम मिलकर संकल्प ले कि शांति, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए खुद को समर्पित करेंगे।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा महासचिव देवेंद्र मन्याल ने समाज से जुड़ी 12 सूत्रीय मांग का ज्ञापन उप राज्यपाल को सौंपा। इसमें आठ अप्रैल को सरकारी अवकाश देने, परिषद के कार्यालय के लिए भूमि देने। जम्मू से अजमेर के बीच चलने वाली पूजा एक्सप्रेस ट्रेन के नाम में गलता नाम को जोड़ने की अपील की गई है। सांसद जुगल किशोर शर्मा ने स्मृति भवन के निर्माण के लिए परिषद को 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस मौके पर प्रदेश सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य आरएल भारती, गुरु नाभा दास समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष संसार चंद क्रोत्रा आदि मौजूद रहे।