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लश्कर कमांडर और बड़े नेता के बीच गठजोड़ बेनकाब

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टॉप पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा कमांडर जुबैर अहमद मुगल उर्फ अबु मावया को शुक्रवार को सोपोर से गिरफ्तार करने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों और मुख्य धारा के राजनेताओं के बीच एक बड़े गठजोड़ का पता लगाया है।
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गिरफ्तार लश्कर के आतंकी को सरपंच ने न सिर्फ शरण दी थी, बल्कि वह उसकी आतंकी गतिविधियों में भी उसकी मदद कर रहा था। पुलिस ने  शुक्रवार को सरपंच फारूक अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया था। सरपंच की गिरफ्तारी ने आतंकियों और मुख्यधारा के नेताओं के बीच के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है।
 
श्रीनगर में रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सोपोर पुलिस और सेना के ज्वाइंट ऑपरेशन में आतंकी को पकड़ा गया। सोपोर पुलिस के प्रमुख अब्दुल गयूम ने बताया कि फारुख अहमद बट नाम के इस नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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अपराधी लड़ चुका है नेशनल पैंथर्स पार्टी से चुनाव

फारुख एक सरपंच है, जो इस बार नेशनल पैंथर्स पार्टी से चुनाव लड़ चुका है। वह बारामूला जिले की संगरामा सीट से प्रत्याशी था। उसे 850 वोट मिले थे, जबकि इस सीट पर कुल 38,722 वोट पड़े थे। सूत्रों के मुताबिक, आतंकी पुलिस सुरक्षा में रह रहा था।

यहां तक कि गिरफ्तारी के वक्त नेता की हिफाजत में तैनात तीनों पुलिसकर्मी उसके साथ ही थे। वहीं, पुलिसवालों का कहना है कि फारुख ने उन्हें गलत जानकारी दी। फारुख ने उन्हें बताया था कि वह व्यक्ति उनका परिचित है, जो यूपी का रहने वाला है। तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

गयूम के मुताबिक, यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि पुलिसवालों के पास आतंकी से जुड़ी किस तरह की सूचनाएं हैं। बता दें कि इसी हफ्ते सोपोर जिले में 6 घंटे तक चले मुठभेड़ के बाद सुरक्षाकर्मियों ने एक टॉप लश्कर आतंकवादी को मार गिराया था।
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