लेह। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपनी हिरासत के संबंध में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उनकी हिरासत न्याय का उपहास है।
वांगचुक ने बोर्ड को बताया कि उनकी गिरफ्तारी उनके वीडियो और सार्वजनिक भाषणों के संदर्भ से हटकर लिए गए बयानों और विचारों पर आधारित थी। उनके शब्दों के अनुवाद को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत कर उनके मूल इरादे और संदेश को विकृत किया गया है। सीआरपीएफ, लद्दाख पुलिस और निजी व्यक्तियों से जुड़ी घटनाओं को उनके नाम से जोड़ा जा रहा है जिससे यह आभास पैदा हो रहा है कि वह अशांति भड़का रहे हैं।
उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है बल्कि लोकतंत्र और न्याय का मजाक है। बैठक के बाद वांगचुक ने कहा कि इंसाफ के घर देर है पर अंधेर नहीं। उन्होंने कहा, आखिर सत्य की ही जीत होगी। संवाद