बाजारों की चहल-पहल से लेकर ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड तक करवाया समृद्ध विरासत का अनुभव
लेह। वार्षिक लद्दाख महोत्सव ने लेह शहर को सांस्कृतिक, पारंपरिक और साहसिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया। बाजारों की चहल-पहल से लेकर ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड तक, महोत्सव ने आगंतुकों को हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध विरासत का अनुभव कराया।
महोत्सव के दूसरे दिन स्कूली छात्रों ने पारंपरिक परिधानों में लोक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जिससे लद्दाख की जीवंत परंपराओं का जश्न मनाया गया और उनके संरक्षण का संदेश दिया गया।
महोत्सव ने अपनी संस्कृति, भोजन, खेल और साहसिक गतिविधियों के मिश्रण से लद्दाख को केवल ऊंचे दर्रों की भूमि ही नहीं, बल्कि समृद्ध विरासत और रचनात्मकता की भूमि के रूप में प्रस्तुत किया।
मुख्य आकर्षण
जैव विविधता प्रदर्शनी : बर्ड्स क्लब और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने लद्दाख के दुर्लभ पक्षी प्रजातियों और पारिस्थितिक खजानों की प्रदर्शनी लगाई।
पारंपरिक तीरंदाजी : शेनम कम्युनिटी हॉल में धनुर्धारियों ने लाइव प्रदर्शन किया और आगंतुकों को तीरंदाजी आजमाने का अवसर मिला।
संगीत और शिल्प : इको पार्क में लद्दाखी गीतों और कारीगरों द्वारा तैयार कलाकृतियों ने सांस्कृतिक माहौल को जीवंत किया।
पुस्तक प्रदर्शनी : द लेह बुक वर्म में क्षेत्र की साहित्यिक विरासत और लोककथाएं प्रदर्शित की गईं।
स्थानीय व्यंजन : चांत्सा फूड कोर्ट में पारंपरिक लद्दाखी व्यंजनों का स्वाद आगंतुकों ने लिया।
पोलो और रोमांच : पोलो ग्राउंड में महिला पोलो प्रदर्शनी मैच और पैराग्लाइडर का प्रदर्शन दर्शकों को रोमांचित कर गया।