लेह पहाड़ी स्वायत्त विकास परिषद के चुनाव के नतीजों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। लेह प्रशासन की ओर से 23 अक्तूबर को मतगणना और नतीजे घोषित करने की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। चुनाव नतीजों पर रियासत की प्रमुख सियासी पार्टियों कांग्रेस, भाजपा, पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस की नजरें टिकी हुई हैं।
परिषद की कुल 26 सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस 25-25 सीटों पर चुनाव लड़ा है। पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस ने आठ-आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे, जबकि न्यू लद्दाख पार्टी के 17 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है।
कुल मिलाकर 90 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 23 अक्तूबर को होना है। हालांकि कांग्रेस और भाजपा के मध्य ही मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा के लेह चुनाव के सह प्रभारी एवं महासचिव मुनीश शर्मा का कहना है कि कांग्रेस ने तीन बार लेह परिषद का गठन किया।
इसके बावजूद कांग्रेस वहां विकास नहीं करवा पाई। भाजपा इस बार लेह चुनाव जीतकर परिषद का गठन करेगी और लद्दाख खित्ते में भी विकास के नये आयाम स्थापित करेगी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना हं कि लेह परिषद चुनाव में इस बार भी कांग्रेस को उम्मीद है कि हमेशा की तरह कांग्रेस को जन समर्थन मिलेगा।