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Jammu News: डेढ़ साल की वारंटी, तीन से 8 महीने में ही 35 हजार एलईडी लाइटें हो गईं फ्यूज

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। स्मार्ट सिटी के तहत एलईडी परियोजना सवालों में आ चुकी है। 3 से 8 महीने में ही 90 हजार में से 35 हजार लाइटें खराब हो गईं। निगम के अनुसार एलईडी लाइटों की वारंटी डेढ़ साल है। इससे साफ है कि घटिया किस्म की लाइटें लगा दी गईं, यानी करार के मुताबिक काम नहीं हुआ। एक लाइट पर खर्च 7 हजार के आसपास है, ऐसे में 20 करोड़ का फर्जीवाड़ा होने की संभावना है।
हैरत की बात है कि डेढ़ साल बीतने के बावजूद नगर निगम की ओर से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। अब अमर उजाला में मामला उठा तो अधिकारी हरकत में आ गए। अगले सप्ताह कंपनी के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। इसमें ठेकेदार से तय समय से पहले लाइटें खराब होने का कारण पूछा जाएगा। मगर कार्रवाई की संभावना कम ही दिखती है, क्योंकि डेढ़ साल में 35 हजार शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। संबंधित कंपनी पर जमीनी स्तर पर नकेल कसने के बजाय सिर्फ कागज काले कर दिए गए। पार्षदों की ओर से मामले का खुलासा करने के बाद भी ठेका रद्द या कंपनी को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि कहीं न कहीं कंपनी को अधिकारियों का संरक्षण है। वहीं, सब स्टैंड लाइटें लगाने की संभावना नेता विपक्ष द्वारका चौधरी, प्रीतम सिंह, गौरव चोपड़ा सहित अन्य पार्षद जता चुके हैं। हालात ऐसे है कि आधे शहर अंधेरे की कैद में है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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हवाला - वोल्टेज बढ़ने से हो रहीं लाइटें फ्यूज
नगर निगम की ओर से कंपनी को करीब 50 करोड़ की अदायगी की जा चुकी है। सात साल तक कंपनी द्वारा लाइटों को बदला जाना है। ठेकेदारों का कहना है कि वोल्टेज बढ़ने के कारण लाइटें फ्यूज हो गईं। इस कारण फेज वायर को बदला जाएगा। वहीं, निगम के अधिकारियों का कहना है, लोड के हिसाब से फेज वायर डालने की बात हुई है। लाइटें फ्यूज होने के बाद कंपनी ही बदलेगी। लिखित आदेश कई बार जारी किए गए, फिर से कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक की जाएगी जिसमें फ्यूज लाइटों को बदलने के निर्देश दिए जाएंगे। बता दें लाइटों को 2021 में लगाया गया। इसके बाद लाइटें फ्यूज होने लग पड़ीं। पार्षदों की ओर से लाइटें ठीक करने के लिए निगम को अवगत करवाया गया, पर समाधान नहीं हुआ। जनरल हाउस की बैठक में भी मसला कई बार उठ चुका है।

कंट्रोल रूम नहीं बना पाई कंपनी
लाइटों के रखरखाव कार्य के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाना है। जैसे ही लाइटें फ्यूज होंगी तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में आएगी। कंट्रोल रूम से ही लाइटों को ठीक करने के निर्देश दिए जाने हैं। खास बात यह है कि लाइटें ठीक करने के लिए शिकायत देने की जरूरत नहीं होगी। कंट्रोल रूम में लाइट फ्यूज होने पर जानकारी मिलनी है। इसके बावजूद हालात उलट हैं। कंपनी की ओर से अभी तक कंट्रोल रूम नहीं बनाया गया।
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कंपनी को लाइटें बदलने के लिए कहा है। काम न होने पर कार्रवाई की जा सकती है। करार के अनुसार लाइटों की वारंटी डेढ़ साल तक है। पहले कैसे फ्यूज हो रही हैं, पूछा जाएगा।
- अरुण गुप्ता, एक्सईएन, नगर निगम


फेज वायर में लोड बढ़ने के कारण लाइटें फ्यूज हो रही हैं। इसी माह वायर समेत लाइटों को बदला जाएगा।
- एसएन डोगरा, ठेकेदार
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