जम्मू-कश्मीर में कोविड की तीसरी लहर को देखते हुए सभी प्रकार की तैयारियां की जा रही है। प्रशासन ने दस जिलों में चिकित्सा कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा डीआरडीओ अस्पताल जम्मू में 50 डॉक्टर वापस तैनात कर दिए गए हैं। ईसीआरपी-1 एनएचएम कर्मियों के सेवा विस्तार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी मंजूरी दे दी है।
जम्मू-कश्मीर में कोविड की तीसरी लहर के बढ़ते खतरे को देखते हुए जम्मू संभाग के सभी दस जिलों में चिकित्सा कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। 500 बिस्तर वाले डीआरडीओ अस्पताल से भेजे गए करीब पचास डॉक्टरों को वापस बुला लिया गया है। कोविड संक्रमण दर कम होने पर इन डॉक्टरों को संबंधित चिकित्सा केंद्रों में भेज दिया गया था। वहीं, इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज (ईसीआरपी-1) के तहत लगाए गए एनएचएम चिकित्सा स्टाफ को सेवा विस्तार दिया गया है।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एनएचएम नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ की संविदा नियुक्ति के विस्तार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे डॉ. सलीम उर रहमान ने एक आदेश जारी कर संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों को चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द करने को कहा है।
इसमें चिकित्सकीय और आपात कारणों पर ही कर्मचारी की छुट्टी मंजूर की जाएगी। कोविड समर्पित डीआरडीओ जम्मू में वापस बुलाए गए डॉक्टरों में 25 मेडिकल अफसर, 7 फिजिशियन, 5 बच्चों के डॉक्टर और उप अधीक्षक शामिल हैं। बुधवार को कई डॉक्टरों ने अपना कार्यभार संभाल लिया।
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डीआरडीओ में वर्तमान में 53 संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है। यहां मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि उपराज्यपाल के एनएचएम कर्मियों के सेवा विस्तार की सूचना मिली है, लेकिन अभी उन्हें आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
धरना जारी, स्थायी सेवा विस्तार की मांग
बारिश के बीच जीएमसी के बाहर एनएचएम कर्मचारियों ने अपना आंदोलन बुधवार भी जारी रखा। उनका कहना था कि उन्हें सेवा विस्तार नहीं, बल्कि अन्य कर्मियों की तरह उनकी सेवाएं भविष्य में भी जारी रखनी चाहिए।